


ब्यूरो-लुधियाना, पंजाब
लुधियाना/पंजाब : पंजाब मुस्लिम संगठनों ने केंद्र सरकार द्वारा पास किए गए नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 (सी ए ए) को रद्द करने और दिल्ली, यूपी और कर्नाटक पुलिस के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है, जिन्होंने सी ए .ए .का विरोध करने वालों पर अत्याचार किए हैं।
इस सिलसिले में पंजाब मुस्लिम फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद कलीम आजाद, पंजाब मुस्लिम सेकुलर फ्रंट के अध्यक्ष एडवोकेट नईम खान, पंजाब सूफी मंच प्रधान सैयद शाहिद हसन, मुस्लिम वेलफेयर एसोसिएशन पंजाब प्रधान एम आलम मजाहरि , मस्जिद नकोदर के प्रधान अब्दुस्सत्तार ठेकेदार, सामाजिक कार्यकर्ता अलाउद्दीन चंद्रमा युक्त एक प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के राज्यपाल वी.पी. बदनोर से मुलाकात कर राष्ट्रपति भवन के नाम उन्हें ज्ञापन प्रस्तुत किया। इन नेताओं का कहना था कि सी ए ए, और एन.पी.आर जैसे कानूनों को वापस लिया जाना चाहिए क्योंकि पूरे देश में उनका विरोध हो रहा है और लोग सड़कों पर उतरे हैं। यह कुछ ऐसा ही है जैसा अंग्रेजों के खिलाफ लोग एकजुट हुए थे और स्वतंत्रता की लड़ाई में अंग्रेज सरकार को उखाड़ फेंका था।
