

उप संपादक
मधेपुरा/बिहार : शनिवार को मधेपुरा मस्जिद चौक पर जारी अनिश्चितकालीन धरना के 27 वें दिन देर रात तक बड़ी संख्या में महिलाओं संग पुरुषों कि भीड़ जमी रही।
धरना को संबोधित करते हुए बीएनएमयू के सीनेट, सिंडीकेट सदस्य डॉ जवाहर पासवान ने कहा कि आज देश में हालात गंभीर है हर कोई असमंजस्य में है कि देश का भविष्य क्या होगा? देश बचाने के लिए बड़ी संख्या में लोग देश के हर भाग में सड़क पर उतरे हैं सरकार और उसकी नीति के खिलाफ । उन्होंने कहा कि आम आदमी के विरोध के कारण सरकार की मुश्किल बढ़ने लगी है। वहीं बीएनएमयू बीएड के विभागाध्यक्ष प्रो ललन साहनी ने कहा कि दिल्ली से लेकर मधेपुरा तक देश, शाहीन बाग में तब्दील हो चुका है, समाज के जागरूकता का ही प्रमाण ही है कि बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर कर एन आर सी, एनपीआर, सीएए के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश और संविधान बचाने कि इस लड़ाई को बड़ी सावधानी से लड़ने की जरूरत है।

वाम छात्र संगठन ए आई एस एफ के राष्ट्रीय परिषद सदस्य हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने कहा कि मुल्क को बनाने में किसी एक की नहीं बल्कि सबकी भूमिका रही है, इसलिए देश में हिन्दू मुस्लिम की राजनीति और नागरिकता के सवालों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता । उन्होंने कहा कि देश में चल रहा यह आंदोलन एक नया इन्कलाब लाएगा । छात्र नेता मुन्ना कुमार ने कहा कि संसद में कुछ घंटे की बहस से देश लोगों कि नागरिकता की तस्वीर नहीं तैयार की जा सकती।
