⇒ समय गुजर जाता है मगर लोगों की यादें रह जाती हैं,लोगों की याद में डॉ बोस आज भी हैं जिंदा- नरेंद्र नारायण यादव
⇒ वेब न्यूज पोर्टल निष्पक्ष पत्रकारिता का बड़ा मंच है, यह आमलोगों सशक्त आवाज है। लिहाजा आमलोगों को वेब पोर्टल्स को आर्थिक सहयोग प्रदान करना चाहिए – प्रभारी जिलाधिकारी
⇒ बिहार सरकार पत्रकारों के लिए मुफ्त यात्रा, आवासन, सुरक्षा और चिकित्सा की करे व्यवस्था – सेराज अहमद कुरैशी
⇒ डॉ देवाशीष बोस की बेमिसाल पत्रकारिता ही कोसी त्रासदी को राष्ट्रीय आपदा घोषित होने का आधार बना था-विधि मंत्री
⇒ “द रिपब्लिकन टाइम्स” ने अपने संक्षिप्त सफर में ही अपनी अलग पहचान बनाई-विधि मंत्री

TRT डेस्क :
मधेपुरा/बिहार : कोशी के पत्रकारिता के भीष्म पितामह चर्चित पत्रकार स्मृति शेष डॉ देवाशीष बोस की जयंती के अवसर पर मुख्यालय के झल्लू बाबू सभागार में आयोजित चर्चित हिंदी वेब न्यूज पोर्टल “द रिपब्लिकन टाइम्स” के दूसरे स्थापना दिवस सह सम्मान समारोह कार्यक्रम का उद्घाटन सूबे के कानून व लघु सिंचाई मंत्री नरेंद्र नारायण यादव ने दीप प्रज्वलन कर किया । मौके पर बतौर मुख्य अतिथि प्रभारी डीएम शिव कुमार शैव, डीडीसी विनोद कुमार, इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सेराज अहमद कुरैशी, “द रिपब्लिकन टाइम्स” मुख्य संरक्षक यहिया सिद्दीकी और प्रधान संपादक रजिउर रहमान उनका साथ दे रहे थे ।

इससे पूर्व कानून मंत्री व अन्य अतिथियों ने डॉ बोस की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया। “द रिपब्लिकन टाइम्स” के मुख्य संरक्षक याहिया सिद्दीकी ने स्वागत भाषण देते हुए कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डाला और गायिका शशि प्रभा जयसवाल ने स्वागत गीत गाकर अतिथियों का स्वागत किया। जर्नलिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने विधि मंत्री, मुख्य संरक्षक याहिया सिद्दीकी ने प्रभारी डीएम, प्रधान संपादक रजिउर रहमान तथा अतिथि संपादक प्रसन्ना सिंह राठौर और उप संपादक अमित कुमार अंशु ने डीडीसी को परम्परागत तरीके से बैच, अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया। तदोपरांत उद्घाटन भाषण करते हुए सूबे के कानून मंत्री ने कहा कि समय गुजर जाता है लेकिन यादें रह जाती हैं। उन्होंने कहा कि डॉ बोस ऐसे व्यक्तित्व थे कि उनके गुजर जाने के बाद भी उनके कार्य उन्हें जिंदा रखे हुए है। कोशी में खोजी पत्रकारिता के पर्याय रहे डॉ बोस की ईमानदार पत्रकारिता थी, जिसमें समर्पण झलकता था।

डॉ देवाशीष बोस की बेमिसाल पत्रकारिता ही कोसी त्रासदी को राष्ट्रीय आपदा घोषित होने का आधार बना था-विधि मंत्री
विधि मंत्री श्री यादव ने डॉ बोस के साथ गुजरे वक़्त को याद करते हुए कहा कि 2008 की कोसी त्रासदी के समय जीवन मौत से संघर्ष करते हुए उन्होंने नदी व बांध के बीच जो पत्रकारिता की वो आज भी मिसाल के तौर पर याद की जाती है। कम से कम शब्दों में अधिक से अधिक समाचार के वाचन की अद्भुत क्षमता उन्हें सबसे अलग करती थी । उनकी बेमिसाल पत्रकारिता ही कोसी त्रासदी को राष्ट्रीय आपदा घोषित होने का आधार बना था। कोसी में उनकी पत्रकारिता हमेशा मिसाल के रूप में प्रस्तुत की जाएगी। उनकी प्रतिभा को सरकारी स्तर पर भी सराहना का आधार बनी थी। उनके संकल्प को मिशन मानकर पत्रकारिता में एक अध्याय लिखने को संकल्पित “द रिपब्लिकन टाइम्स” ने अपने संक्षिप्त सफर में ही अपनी अलग पहचान बनाई ।

सूबे के मुखिया भी पत्रकारों की सुविधा को लेकर तत्पर- विधि मंत्री
पत्रकारों द्वारा की गई मांगों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा की सरकार व सूबे के मुखिया भी पत्रकारों की सुविधा को लेकर तत्पर हैं। उन्होंने कहा की सभी पत्रकार बन्धुओं को चाहिए की पत्रकारिता को हमेशा बेदाग छवि प्रदान करें और आम आवाम की आवाज बनें। इस अवसर पर उन्होंने अपील करते हुए कहा कि अपने स्तर से लोगो को जल जीवन हरियाली को लेकर प्रेरित करें क्योंकि मात्र इसी पहल से जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणामों को रोका जा सकता है। मौके पर विभिन्न क्षेत्रों की नामचीन प्रतिभाओं को सम्मानित करते हुए उन्होंने कहा कि सभी अपने अपने क्षेत्र में अपना योगदान देकर समाज में आदर्श कायम करें।

वेब न्यूज पोर्टल निष्पक्ष पत्रकारिता का बड़ा मंच है, यह आमलोगों सशक्त आवाज है। लिहाजा आमलोगों को वेब पोर्टल्स को आर्थिक सहयोग प्रदान करना चाहिए – प्रभारी जिलाधिकारी
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए प्रभारी जिला पदाधिकारी शिव कुमार शैव ने प्रिंट की शुरुआत, पत्रकारिता के इतिहास से लेकर वर्तमान दौर तक के सफर पर चर्चा करते हुए कहा कि सच्चे अर्थों में प्रिंट ने ही पत्रकारिता को जन्म दिया है। फ्रांस व रूस की क्रांति ने इसको वृहद स्तर प्रदान किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता समाज में अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने का कार्य करती है। प्रभारी जिलाधिकारी ने कहा कि वेब न्यूज पोर्टल निष्पक्ष पत्रकारिता का बड़ा मंच है, यह आमलोगों सशक्त आवाज है। लिहाजा आमलोगों को वेब पोर्टल्स को आर्थिक सहयोग प्रदान करना चाहिए ।
