मधेपुरा : जानलेवा बनी एनएच 106 – 107 के शीघ्र निर्माण की मांग को लेकर भाक़पा कार्यकर्ताओं का हल्लाबोल प्रदर्शन

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अमित कुमार अंशु
उप संपादक

मधेपुरा/बिहार :  जर्जर एवं जानलेवा बनी एनएच 106 – 107 के शीघ्र निर्माण की मांग को लेकर भाक़पा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग एवं पथ निर्माण विभाग के कार्यालय का घेराव किया। भाकपा कार्यकर्ताओं ने विभागीय कार्यालय का बोर्ड, कार्यपालक अभियंता के नेम प्लेट एवं वाहन पर लगी नेम प्लेट पर कालिख पोत कर अपने गुस्से का इजहार किया। आंदोलनकारियों ने दोनों कार्यालय को बंद कर रोष प्रदर्शन करते हुए सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा दोनों कार्यालय में भाकपा के प्रदर्शनकारियों के पहुंचते ही अफरा-तफरी का वातावरण पैदा हो गया, देखते ही देखते कार्यालय भाकपा कार्यकर्ता के कब्जे में हो गया। प्रदर्शनकारी कुछ कर गुजरने को आतुर थे। परंतु नेतृत्वकर्ता द्वारा किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया गया।

प्रदर्शन का वीडियो :

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विभागीय लापरवाही के कारण नहीं बनी है अभी तक सड़कें : वही आंदोलन का नेतृत्व कर रहे भाकपा के राष्ट्रीय परिषद के सदस्य प्रमोद प्रभाकर ने कहा की एनएच 106 एवं 107 पर यात्रा करना यानी मौत से खेलना है। पिछले दिनों इस मार्ग पर कितने की हड्डी टूटी, कितने की ह्रदय गति रुक गई और कितने हीं जाने चली गई। जिस संवेदक को निर्माण का कार्य मिलता है, वह काम किए बिना भाग जाता है, उसे ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाता है और फिर एक साल बाद पुनः उसी निर्माण कार्य दे दिया जाता है। उन्होंने कहा कि आखिर माजरा क्या है समझ में नहीं आता है। शहर में पैदल क्या गाड़ी से भी चलना अत्यंत दुष्कर है। प्रशासन द्वारा कहा जा रहा है कि शहर के अंदर सड़क पीडब्ल्यूडी विभाग को बनाना है, लेकिन परिणाम ढाक के तीन पात साबित हो रहा है। विभागीय लापरवाही के कारण अभी तक सड़कें नहीं बनी है। उन्होंने कहा कि विकास पुत्र कहे जाने वाले मधेपुरा के सांसद दिनेश चंद्र यादव भी लापता है एवं मधेपुरा के प्रभारी मंत्री तथा बिहार सरकार की प्रभावकारी मंत्री विजेंद्र नारायण यादव को मात्र सुपौल जिला से मतलब है।

सड़कों को मोटरेबूल बनाने के लिए चार दिन की मोहलत : भाकपा नेता प्रभाकर ने कहा कि जिला प्रशासन और सरकार द्वारा मामले को नजरअंदाज किया जा रहा है। अगर एक सप्ताह के निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ा तो, गुरिल्ला आंदोलन का दूसरा चरण अत्यंत ही भयानक होगा। मौके पर मौजूद भाकपा के जिला मंत्री विद्याधर मुखिया ने कहा कि उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के कठोर टिप्पणी का आदेश के बाद भी जर्जर एनएच का निर्माण नहीं होना, उच्च न्यायालय का अवमानना है एवं आम जनों के प्रति लापरवाही है। भाकपा इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। भाकपा के वरीय नेता एवं किसान सभा के जिला सचिव रमन कुमार ने कहा कि सत्ता समर्थक कुछ बंधुओं के द्वारा इस मुद्दे को लेकर संघर्ष करने की बातें कही जा रही है। परंतु यह लोग सत्तारूढ़ दल उनके स्थानीय सांसद, मंत्री एवं विधायक के खिलाफ कुछ बोलने से गुरेज करते हैं। उन्होंने कहा कि हंसना और रोना एक साथ नहीं हो सकता है।

आंदोलन के दौरान सभी कार्यकर्ता पथ प्रमंडल मधेपुरा के कार्यपालक अभियंता इंजीनियर मो नौशाद आलम के कार्यालय में भी घुसकर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यपालक अभियंता द्वारा सड़कों को मोटरेबूल बनाने के लिए चार दिन की मोहलत ली गयी है।

इस मौके पर भाकपा के अंचल मंत्री मो जहांगीर, वरीय नेता मोती सिंह, नवीन कुमार यादव, एटक़ जिला संयोजक वीरेंद्र नारायण सिंह, एआई वाइफ के प्रांतीय उपाध्यक्ष शंभू क्रांति, एआईएसएफ के जिला अध्यक्ष मो वसीमउद्दीन उर्फ नन्हे, युवा नेता अनिल भारती, छात्र नेता सौरभ कुमार, मो मुन्ना, गोलू राज, भाकपा नेता मोहन सिंह, बुद्धदेव साह, सचिदा शर्मा, अनिल पासवान, माधो राम, शंकर गुप्ता, सुभाष मंडल, सिकंदर राम, मो सनाउल्लाह, दिनेश मुखिया, सुरेश चौधरी, सचिन मुखिया, कृष्ण मुखर्जी,  अकीदा खातून, अरुणा देवी, गायत्री देवी, विमला देवी, मजदूर नेता संजीत ऋषि देव ,जय प्रकाश पासवान ,दीना  कामेट, गुलाबचंद पासवान, शंकर सादा, कमलेश्वरी  सादा, हीरा चौधरी ,भावेश राम, अशोक राम, अनीता शर्मा, बीरबल शर्मा, हलधर शर्मा, जीवो शर्मा, दिनों सादा, संजीव सादा, शैलेंद्र कुमार सहित अन्य लोग आदि मौजूद थे।


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