मधेपुरा/बिहार (प्रेस विज्ञप्ति) : जन सुराज संगठन की ओर से रविवार को जिला कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सक्रिय सदस्यों ने संगठन की मजबूती तथा भविष्य की रणनीति पर चर्चा की। बैठक में वरिष्ठ नेता पूर्व विधायक किशोर कुमार एवं स्टेट ऑब्जर्वर राम परवेश यादव की विशेष उपस्थिति रही।
इस दौरान किशोर कुमार (मुन्ना) ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद जिले में ये दूसरी बैठक की गई। पहली बैठक में समीक्षा की, हमने गलतियों पर मंथन किया। आज की बैठक में संगठन से कहां चूक हुई उसपर चर्चा की गई। जन सुराज जबसे पार्टी बनी, तबसे गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद किया, उन्हें समझाने का प्रयास किया। लोगों की मूल समस्या गरीबी, पलायन, ध्वस्त शिक्षा व्यवस्था, इलाज, सिंचाई व अन्य ज्वलंत समस्याओं को उठाया। हमारी पार्टी ने जब इन मुद्दों को उठाया, तब दूसरे दलों के लोग जिनका मुख्य आधार जाति-धर्म था, लोगों की समस्याओं से सरोकार नहीं था, ऐसे में उन्होंने जन सुराज के कार्यक्रमों को अपनाया। जन सुराज को लोगों ने पसंद किया, ये पार्टी सत्ता में आएगी तो पलायन बंद होगा, रोजी-रोजगार होगा। लेकिन जब वोट देने का समय आया तो वोट नहीं दिया। लोगों ने भले ही वोट न दिया हो लेकिन उनके मन में अभी भी आशा है। जन सुराज ने जो अभियान शुरू किया था, 2 वर्षों तक पार्टी के सूत्रधार 5 हजार से अधिक गांवों में पैदल गए। जिस सवाल को लेकर वे गांव-गांव गए वे सवाल अभी भी कायम हैं। वर्तमान सरकार से बहुत परिवर्तन की गुंजाइश नहीं है। सरकार बनने के बाद भी भ्रष्टाचार व्याप्त है। चुनाव होने के बाद लाखों लोग पलायन को मजबूर हुए।
श्री किशोर ने कहा, आम जनता ने इस बार जन सुराज को इसलिए वोट नहीं दिया कि उन्हें ये लगा कि वो सरकार न बना पाए, जनता असमंजस में रही भाजपा के डर से लालू और लालू के डर से भाजपा न आ जाए। लोगों का ये भी कहना है कि प्रशांत किशोर जी का अभियान रुकना नहीं चाहिए। ये अभियान चलेगा, तो आने वाले समय में जन सुराज का ही भविष्य है। यही पार्टी सत्ता में आएगी, बिहार को बदहाली-गरीबी, भ्रष्टाचार से निकालेगी और जो अभियान रुका था, उसे ठीक से कैसे चलाया जाए, उसके लिए संगठन का पुनर्गठन किया जाएगा। उसी के तहत जिले में बैठक की गई। चुनाव के तुरंत बाद पार्टी के सूत्रधार ने हार की जिम्मेदारी खुद ली।
राम परवेश यादव ने कहा कि वर्तमान में संगठन की सभी ईकाई भंग है। जनवरी में पार्टी की कार्यकारी व्यवस्था बनाई जाएगी, जिससे पार्टी संगठन का सदस्यता अभियान चलाकर पंचायत प्रखंड जिला राज्य के पदाधिकारी का चुनाव सम्पन हो। पार्टी में आंतरिक तंत्र मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा।
बैठक में अमरीश राय, आलम साहब, डॉ दीप नारायण यादव, चितरंजन सिंह, शशि, प्रमोद राम, राजेश मुखिया, गुड्डू मुखिया, अश्विनी झा, ललन कुमार, साहब जी, प्रिंस कुमार, रेणू देवी, ज्ञानेश्वर शर्मा, नवीन मंडल आदि उपस्थित थे।

