जमशेदपुर/झारखंड (प्रेस विज्ञप्ति) : इमारत-ए-शरिया बिहार, ओडिशा व झारखंड की ओर से एसआईआर (Special Intensive Revision) और पैरेंटल मैपिंग से संबंधित पहली प्रशिक्षण कार्यशाला जमशेदपुर दारुल-क़ज़ा में सफलतापूर्वक आयोजित की गई। यह कार्यशाला क़ाज़ी-ए-शरिया इमारत-ए-शरिया बिहार, ओडिशा व झारखंड हज़रत मौलाना अंजार आलम क़ासमी की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
कार्यशाला की शुरुआत इमारत-ए-शरिया के कार्यकर्ता मौलाना मुहम्मद अज़हर क़ासमी की तिलावत-ए-क़लाम-ए-पाक से हुई, जबकि संचालन की जिम्मेदारी नायब क़ाज़ी-ए-शरिया जनाब मौलाना अफ़रोज़ सलीमी अल-क़ासमी ने निभाई।

इस अवसर पर क़ायदे-वफ़्द हज़रत मौलाना अहमद हुसैन क़ासमी, सहायक नाज़िम इमारत-ए-शरिया बिहार, ओडिशा व झारखंड ने प्रारंभिक वक्तव्य दिया और एसआईआर से संबंधित इस प्रशिक्षण अभियान की महत्ता और आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके बाद इमारत-ए-शरिया की रिसर्च टीम के सदस्य मौलाना क़यामुद्दीन क़ासमी ने प्रोजेक्टर और प्रेज़ेंटेशन के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया तथा पैरेंटल मैपिंग, फॉर्म से संबंधित विषयों और एसआईआर की जटिलताओं को सरल ढंग से समझाया।
कार्यशाला के दौरान मौलाना इकरामुद्दीन क़ासमी और मौलाना व डॉ. हिफ़्ज़ुर्रहमान हफ़ीज़ ने प्रतिभागियों का व्यावहारिक मार्गदर्शन किया, उनके मोबाइल फ़ोन पर प्रैक्टिकल करवाया और उनके प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर दिए, साथ ही सामने आने वाली समस्याओं के समाधान भी प्रस्तुत किए।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में क़ाज़ी-ए-शरिया मौलाना अंजार आलम क़ासमी ने कहा कि मुसलमान मानवता के लिए लाभकारी होता है। अतः जो पुरुष एवं महिलाएँ यहाँ से व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, वे बिना किसी धार्मिक भेदभाव के हर नागरिक की सहायता करें। उन्होंने कहा कि इमारत-ए-शरिया चाहती है कि मुस्लिम युवा देश के नागरिकों की समस्याओं और परेशानियों के समाधान में अग्रणी भूमिका निभाएँ, क्योंकि यही इस्लाम का स्वभाव और उसकी वास्तविक आत्मा है।
इस अवसर पर जमशेदपुर, झारखंड दारुल-क़ज़ा के क़ाज़ी-ए-शरिया मौलाना सऊद आलम क़ासमी ने अमीर-ए-शरिया की इस मुबारक पहल की सराहना करते हुए इसे झारखंड राज्य के सभी नागरिकों की आवश्यकता बताया और सभी श्रोताओं का आभार व्यक्त किया। इसके अतिरिक्त शहर के गणमान्य व्यक्ति, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में इस प्रशिक्षण कार्यशाला में उपस्थित रहे। विशेष रूप से क़ाज़ी सऊद आलम क़ासमी, जमशेदपुर की मेहनत, ध्यान और प्रभावी रणनीति के परिणामस्वरूप प्रतिभागियों की उल्लेखनीय संख्या उपस्थित हो सकी। यह अत्यंत प्रसन्नता की बात रही कि महिलाओं की भी बड़ी संख्या ने इस प्रशिक्षण कार्यशाला में भाग लिया।
इस अवसर पर हाफ़िज़ अनवर (सेक्रेटरी, जमीयत उलमा जमशेदपुर), मुफ्ती मुहम्मद निशाद मज़ाहिरी, हाफ़िज़ समीउल्लाह, हकीम मिफ़्ताही सहित शहर के अनेक गणमान्य और बुद्धिजीवी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि हज़रत अमीर-ए-शरिया मौलाना सैयद अहमद वली फ़ैसल रहमानी (मुद्दज़िल्लुहुम) के निर्देश पर यह वफ़्द 4 जनवरी 2026 से 5 फ़रवरी तक झारखंड राज्य के विभिन्न ज़िलों और प्रखंडों में प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन करेगा। जबकि नाज़िम इमारत-ए-शरिया मौलाना मुफ्ती मुहम्मद सईदुर्रहमान क़ासमी समय-समय पर वफ़्द के सदस्यों की निगरानी करते रहेंगे। अंत में क़ाज़ी-ए-शरिया हज़रत मौलाना अंजार आलम क़ासमी की दुआ पर कार्यशाला का समापन हुआ।
यह भी स्पष्ट रहे कि यह अभियान इमारत-ए-शरिया, झारखंड की ओर से एक महीने तक चलेगा। 5 जनवरी को दूसरा और तीसरा प्रशिक्षण कार्यशाला क्रमशः जगन्नाथपुर मदरसा फ़ैज़-ए-आम, मौलानगर, जगन्नाथपुर में सुबह 10 बजे से तथा मग़रिब के बाद चक्रधरपुर उर्दू हाई स्कूल में आयोजित की जाएगी।

