– मुसलमान अपने आत्म सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं करेगें : शाही इमाम पंजाब
– लुधियाना खत्मे नबुव्वत कांफ्रेस में पहुंचे हजारों मुसलमान
– न्यूजीलैंड मस्जिद में हुए हमले की कड़ी निंदा
– सर्व धर्म के नेताओं ने दिया आपसी भाईचारे का पैगाम

ब्यूरो, लुधियाना
लुधियाना/पंजाब : शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी की ओर से आयोजित की गई शोहदा-ए-तहफ्फुज खत्मे नबुव्वत काफ्रेंस में जहां शहर भर से हजारों मुसलमान जुटे वहीं भारतीय सुन्नी मुसलमानों के इमाम हजरत मौलाना तौकीर रकाा खान साहिब बरेली शरीफ मुख्यातिथी के रूप में उपस्थित हुए। काफ्रेंस की अध्यक्षता पीर जी हुसैन अहमद बुढिया यमुनानगर ने की।
काफ्रेंस को शिया मुसलमानों की ओर से मौलाना कलबे रूशैद रिकावी देवबंदी विद्वान मौलाना राशिद मजहरी, मौलाना मुफ्ती मुति उर रहमान किशनगंज, प्रसिद्ध शायर मुफ्ती तारीक जमीर, हाशिम फिरोजाबादी, अरमान प्रतापगढ़ी, मुहम्मद हमजा अहरारी ने संबोधित किया। काफ्रेंस का आगाज पवित्र कुरआन शरीफ की तिलावत से कारी मोहतरम साहिब ने किया। शोहदा-ए-तहफ्फुज खत्मे नबुव्वत काफ्रेंस में हजारों मुसलमानों के जनसमूह को संबोधित करते हुए मौलाना तौकीर रकाा खान ने कहा कि पै$गंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लललाहु अलैहीवसलम विश्व के लिए रहमत है, आपने ही इंसानों को गुलामी से आजादी दिलवाई। तौकीर रकाा खान ने कहा कि भारत में तहफ्फुज खत्मे नबुव्वत के लिए लुधियाना के हबीब परिवार की कुबार्निया भुलाई नहीं जा सकती। उन्होनें कहा कि अल्लाह ताआला के साथ उनके रसूल सल्लललाहु अलैहीवसलम मुहब्बत ही हमारा इमान है।
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तौकीर रकाा ने कहा कि मैं निजी तौर पर पंजाब में शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी व खालसा ऐड से बहुत ही प्रभावित हंू क्योंकि ये लोग आपसी भाईचारा कायम रखने के लिए बहुत ही अच्छा काम कर रहे हैं। उन्होनें कहा कि भारतीय मुसलमानों पर जो आरोप लगाए जाते है वह बेबुनियाद है। भारतीय मुसलमानों ने देश की तरक्की, एकता व अखण्डता के लिए जो योगदान दिया है उसकी मिसाल कहीं ओर नहीं है। इस मौके पर जनसमूह को संबोधित करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि इस्लाम धर्म पर आतंकवाद का आरोप वही लोग लगाते है जो खुद आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त है। उन्होने कहा कि आतंक के नाम पर जो शरारती तत्व आम मुसलमानों के आत्म सम्मान के साथ खिलवाड़ करना चाहते है वह अच्छी तरह से समझ लें कि हम हरगिज किसी को गुंडागर्दी नहीं करने देंगे। शाही इमाम ने कहा कि हजरत मुहम्मद सल्लललाहु अलैहीवसलम मुसलमानों के आखिरी नबी है और दुनिया की कोई भी ताकत शरियत के इस कानून को नहीं बदल सकती। इस अवसर पर खालसा ऐड की ओर से कश्मीरी मुस्लिम छात्रों को उनके घर तक पहुंचाने को लेकर उनका सम्मान किया गया।
इस मौके पर लुधियाना के मैंबर पारलीमैंट रवनीत सिंह बिट्टू, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब के मुख्य सेवादार प्रितपाल सिंह, आदि धर्म समाज के धर्म गुरू जनाब दर्शन रत्न रावण, पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह गाबडिय़ा, अकाली दल शहरी के अध्यक्ष रणजीत सिंह ढिल्लों, जेएनयू के प्रोफेसर डा.हाफिज उर रहमान, सरहिंद रोजा शरीफ के खलीफा सय्यद मुहम्मद सादिक, इंडियन मुस्लिम कोसिंल के अध्यक्ष अतीक उर रहमान लुधियानवी, अल्पसंख्यक कमिशन के सदस्य अब्दुल शकूर मांगट, साहिबजादा नदीम अनवार खान, मुहम्मद सत्तार लिबड़ा मैंबर पंजाब वकफ बोर्ड, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे के इसरार तरीन, आर.जे.डी के पंजाब अध्यक्ष मुकीद आलम, सुशील पराशर, हाजी नौशाद अंसारी, बिलाल खान, अब्बास राजा, मुहम्मद गुलाब, परमिंदर मेहता, सयदूजमा खिजराबादी, शाही इमाम पंजाब के मुख्य सचिव मुहम्मद मुस्तकीम को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पीर जी हुसैन अहमद ने दुनिया में अमन व शांति के लिए विशेष दुआ करवाई।
