मधेपुरा : पोषण अभियान को देशव्यापी जन आंदोलन बनाना है-डीएम नवदीप शुक्ला

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अमित कुमार
उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : पोषण अभियान केवल कार्यक्रम नहीं बल्कि एक जन आंदोलन और भागीदारी है। जन जन के सहयोग से राष्ट्रीय पोषण माह में हर घर पोषण त्यौहार मनाया जा रहा है। जिले के हर व्यक्ति संस्थान एवं प्रतिनिधि से यह विनम्र आग्रह है कि वह अपनी जिम्मेदारी निभाये। प्रखंड स्तर पर सभी विभागों को भी बेहतर तालमेल के साथ इस अभियान को सफल बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।

 वही दोनों अनुमंडल के अनुमंडल पदाधिकारी भी हर घर पोषण त्यौहार के तहत गांव के हर घर तक यह संदेश पहुंचे इसके लिए प्रयत्नशील है।

 उक्त बातें मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित झल्लू बाबू सभागार में राष्ट्रीय पोषण माह में हर घर पोषण त्यौहार के दौरान जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला ने कही।

 कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला, डीडीसी मुकेश कुमार, एनडीसी रजनीश कुमार राय सहित अन्य अधिकारियों ने सामूहिक रुप से दीप प्रज्वलित कर किया।

मौके पर उपस्थित सभी अधिकारियों एवं अन्य लोगों को डीएम ने शपथ दिलवाई। उन्होंने सभी लोगों को शपथ दिलवाई की भारत के बच्चियां किशोरी और महिलाओं को कुपोषण मुक्त, स्वस्थ और मजबूत करना है। राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान हर घर में सही पोषण का संदेश पहुंचाना है। सही पोषण का अर्थ है पौष्टिक आहार, साफ पानी और सही पदार्थ। पोषण अभियान को देशव्यापी जन आंदोलन बनाना है। हर घर, हर विद्यालय और हर गांव एवं हर शहर में सही पोषण की गूंज उठेगी। इस जनांदोलन में सभी लोग स्वस्थ होंगे और पूरी क्षमता प्राप्त करेंगे।

 डीएम ने कहा कि जिले से कुपोषण को मिटाने के लिए हर घर पोषण त्योहार मनाया जा रहा है। इसके तहत सितंबर माह में प्रखंड पंचायत गांव एवं घर के स्तर पर पहुंच कर कुपोषण से पीड़ित की पहचान करनी है। उन्हें पोषण प्राप्त करने के विषय में जानकारी प्रदान करना है। इस बाबत प्रखंड स्तर पर समन्वय समिति बनाई गई है, जिसके प्रदेश अध्यक्ष अनुमंडल पदाधिकारी होंगे, जबकि उपाध्यक्ष संबंधित बीडीओ तथा सदस्य के रूप में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, पीएचईडी के कनीय अभियंता, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, प्रखंड प्रमुख, महिला पर्यवेक्षिका एवं सदस्य सचिव के तौर पर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी है।

 इस समिति द्वारा हर प्रखंड में गांव स्तर पर पहुंचकर लोगों को जागरूक करना है। प्रत्येक परिवार को यह बताना है कि बाल विकास परियोजना के द्वारा क्या सेवाएं दी जा रही हैं। वही स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सक बच्चों एवं महिलाओं का स्वास्थ्य एवं पोषण स्थिति की जांच कर परामर्श देंगे। आरबीएसके दल भी इस कार्य में सहायता देगा। जीविका के माध्यम से पोषण से संबंधित गतिविधियों का प्रदर्शन होगा। भोजन विविधता एवं समूह द्वारा तैयार सूक्ष्म पोषक तत्व युक्त खाद्य पदार्थों का प्रदर्शन किया जायेगा। ग्राम संगठन के द्वारा पोषण गतिविधि का प्रदर्शन एवं परामर्श दिया जायेगा कृषि विभाग द्वारा अपने घर के बाग बगीचे में किस तरह पोषक तत्वों की सब्जी उगाई जाय, स्थिति का प्रदर्शन किया जाय। पोषण हेतु समेकित खेती की भी जानकारी दी जायेगी। पीएचईडी विभाग स्वच्छता हेतु जागरूकता एवं परामर्श प्रदान करेगा। स्वच्छ पानी जांच करने के तरीका का प्रदर्शन करेगा और हाथ धोने हेतु बेसिन के मॉडल का प्रदर्शन करेगा।

 वही शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालय बच्चों द्वारा पोषण से संबंधित बिंदुओं पर चर्चा एवं चित्र द्वारा प्रदर्शन किया जायेगा।  प्रदर्शन विटामिंस मिनरल्स खाद पदार्थों के फायदा का चित्र द्वारा प्रदर्शन पोषण से संबंधित संगीत रोल प्ले रंगोली कविता आदि स्लोगन की प्रस्तुति एवं हाथ धोने के तरीके का विस्तृत विवरण दिया जायेगा।

इस कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, स्कूल प्रबंधन समिति, सामुदायिक केंद्र का भी सहयोग लिया जा रहा है। पंचायत प्रतिनिधि जहां गांव स्तर पर लोगों को सही पोषण के बारे में जागरूक करने गांव में बाल विवाह पर पूर्ण विराम लगाने, गर्भवती महिला का प्रसव अस्पताल या चिकित्सा केंद्र पर कराने खुले में शौच के अभिशाप से मुक्त कराने में अपनी जिम्मेदारी निभायेंगे। साथ ही घरों में पैर और साग सब्जियां लगाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे, ताकि परिवार को हरी सब्जियां मिल सके. ठीक उसी प्रकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता देखभाल की समुचित पोषण संबंधी परामर्श नियमित रूप से प्रदान करेंगे। गर्भवती महिला और नवजात शिशुओं की निगरानी हेतु नियमित भ्रमण करने बच्चों का नियमित रूप से वजन करने में दर्ज करने शारीरिक और बौद्धिक विकास की निगरानी करने नियमित टीकाकरण सुनिश्चित करने का कार्य करेंगे।
इस दौरान जिला परिषद अध्यक्ष मंजू देवी, उपाध्यक्ष, मंत्री अनुसूचित जाति जनजाति विभाग की प्रतिनिधि, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, सभी सीडीपीओ एवं जिला प्रोग्राम पदाधिकारी के अलावा आईसीडीएस, हेल्थ एजुकेशन, पीएचईडी, एग्रीकल्चर, जिला वेलफेयर, पंचायती राज सहित अन्य विभागों के अधिकारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
इस दौरान माह सितंबर में इस पोषण अभियान के अंतर्गत की जाने वाली गतिविधियों पर चर्चा हुई एवं सबके बहुमूल्य विचारों द्वारा आने वाले महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई।

 उक्त अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा सभी विभागों को एक साथ मिलकर पोषण अभियान को सफल बनाने के लिए अनुरोध किया गया, साथ ही जनप्रतिनिधि एवं मीडिया से भी इसके व्यापक प्रचार-प्रसार एवं सहयोग हेतु अनुरोध किया गया।

संवाद सहयोगी :- अमन कुमार 


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