पटना : हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (से0) का दो दिवसीय राज्य परिषद की बैठक संपन्न

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सीमाब अख्तर
वरीय उप संपादक

पटना/बिहार : हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (से0) की दो दिवसीय राष्ट्रीय परिषद के द्वितीय सत्र में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की उपस्थिति में पार्टी के प्रधान महासचिव व विधान परिषद सदस्य डॉक्टर संतोष कुमार सुमन उर्फ संतोष मांझी ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सहमति से तीन प्रस्ताव पर  राष्ट्रीय परिषद की बैठक में सदस्यों को विषय प्रवेश कराया।

जिसमें में  पहला प्रस्ताव आर्थिक प्रस्ताव:-
पहला प्रस्ताव पूर्व मंत्री ई0 अजीत कुमार के द्वारा “आर्थिक प्रस्ताव” लाया गया। जिसका समर्थन डॉक्टर अनिल कुमार पूर्व मंत्री ने की।
आर्थिक प्रस्ताव-
     1. डीजल, पेट्रॉल एवं रसोई गैस के मूल्यों में बेतहासा वृद्धि एवं डॉलर के मुकाबले में भारतीय रूपया का अवमूल्यण पर हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के राष्ट्रीय परिषद् चिंता व्यक्त करती है एवं सरकार से मांग किया जाता है कि शीघ्राति-शीघ्र गैस, पेट्रॉल एवं डीजल के मूल्य वृद्धि को रोकने के लिए सरकार अधिक से अधिक सब्सिडी बढ़ाये/ टैक्स घटाये और भारतीय रूपया का अवमूल्यण को रोके। साथ ही पेट्रोलियम पदार्थों को जी.एस.टी. के दायरे में लाया जाए।    
        2. किसानों की दशा को देखते हुए यह प्रस्ताव लिया गया कि दस एकड़ जमीन जोत करने वाले किसानों को मुफ्त बिजली दिये जाने की मांग करती है। साथ ही साथ राज्य एवं देश में किसानों की आत्महत्या की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) की मांग है कि किसानों का कर्ज माफ कर दे। 
       3. कृषि को उद्योग का दर्जा दिया जाए ताकि किसानों को उनके उत्पाद का लागत मूल्य से दुगना लाभ मिल सके। उद्योग का दर्जा देने मात्र से, किसान अपने उत्पाद के लिए मूल्य निर्धारण करने में भागीदार बन सकेंगे। यानी सरकार, किसान दोनों मिलकर के यह तय करेंगे कि फसल उपजाने में कितना व्यय हुआ, उसके अनुपात में दुगना किसानों के लाभ देने हेतु मूल्य निर्धारण हो सके। फसल उपजाने में आधुनिक तकनीक की मुफ्त प्रशिक्षण एवं उपकरण प्रदान की जाए। साथ ही साथ रसायनिक खाद्य के स्थान पर जैविक खाद्य को बढ़ावा दिया जाए।
       4. बिहार में सुखाड़ और बाढ़ से निदान हेतु देश में प्रवाहित होने वाली नदियों को आपस में जोड़ा जाए। साथ ही प्राकृतिक आपदा से क्षति हुए फसलों का मुआवजा समय सीमा के अन्दर मुहैया कराया जाए।  
 दूसरा राजनीतिक प्रस्ताव:-
   दूसरा प्रस्ताव पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व मंत्री वृषिण पटेल के द्वारा “राजनीतिक प्रस्ताव” रखी गई। जिसका समर्थन पार्टी के पूर्व विधायक रविंद्र राय ने की। 
       1. हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के राष्ट्रीय परिषद् की बैठक में प्रस्ताव पारित कर महागठबंधन में पार्टी को सम्बद्ध करने का निर्णय का स्वागत किया। साथ ही साथ प्रस्ताव पारित किया गया की बिहार के सभी लोकसभा/ विधानसभा सिटों पर हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) की स्थिति मजबूत करने हेतु मतदान केन्द्र स्तर से जिला स्तर तक एक सुदृढ़ संगठन तैयार किया जाए।
      2. The National Register of Citizens (NRC)  (राष्ट्रीय नागरिक पंजिका) तैयार करने के नाम पर भा.जा.पा. नित संगठन एवं सरकार द्वारा हिन्दुस्तान के दलितों एवं अल्पसंख्यकों को मतदान के अधिकार से वंचित करने का षड़्यंत्र रचा जा रहा है, जिसका हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) घोर विरोध करते हुए मांग करता है कि किसी भी परिस्थिति में दलित, अति पिछड़ा एवं अल्पसंख्यकों को मतदान का शत्-प्रतिशत अधिकार देने हेतु मतादाता सूची में न्यायोचित प्रवृष्टि की जाए। 
      3. मतदाता सूची को आधार कार्ड से लिंक करने की मांग करते हुए हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) का यह राष्ट्रीय परिषद् सोच रखती है कि इससे एक तरफ फर्जी मतदाताओं की संख्या घटेगी तो दूसरी तरफ दलितों, अल्पसंख्यकों एवं अतिपिछड़ों का मतदाताओं की प्रवृष्टि उनके संख्या के अनुकूल हो सकेगी।  
      4. महागठबंधन के सभी दलों से प्रस्ताव पारित कर अनुरोध किया जाता है कि शीघ्र एक समन्वय समिति गठित कर जल्द से जल्द अगामी लोकसभा का चुनाव के लिए दलों के बीच सीटों की बंटवारा किया जाए।
 तीसरा सामाजिक प्रस्ताव:-
 तीसरा सामाजिक प्रस्ताव पार्टी के उपाध्यक्ष बी एल वैश्यन्त्री ने रखा जिसका समर्थन रामेश्वर प्रसाद यादव राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने की। 
सामाजिक प्रस्ताव:-
1. हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के राष्ट्रीय परिषद् की बैठक में प्रस्ताव पारित कर मांग किया कि पूरे देश में Common Schooling System  (सामान्य शिक्षा प्रणाली) लागू किया जाए, जिस प्रकार से अन्य देशों में लागू है। इससे जाति प्रथा/ आरक्षण की समस्या की समाप्ति हो सकेगी। साथ ही साथ प्रख्यात समाजवादी डॉ. लोहिया जी का कथन का अनुपालन होगा कि- ‘‘राष्ट्रपति का बेटा हो या भंगी का संतान, सबको शिक्षा एक सम्मान’’ तभी भारत प्रबुद्ध देश बनेगा और देश समृद्ध भी होगा। साथ ही साथ बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर का सपनों का  Common Schooling System   (सामान्य शिक्षा प्रणाली) लागू कर साकार कर सकेंगे। 
    2. आरक्षण का सीमा 49.5 प्रतिशत से बढ़ाते हुए 85 प्रतिशत करने एवं गरीब स्वर्णों को भी आरक्षण देने हेतु प्रस्ताव पारित किया जाता है। तथा ैम्ब्ब्  (जातिगत सामाजिक) सर्वेक्षण जो वर्ष 2011 में हुआ है, का प्रतिवेदन जनता में जारी करने की मांग की गई।
    3. अनुसूचित जाति/ जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम-1989 संसद द्वारा पुर्नस्थापित करने की पहल से हम संतुष्ट नहीं हैं। जब तक अनुसूचित जाति/ जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम-1989
को या 2018 का संशोधन को संविधान की 9वीं सूची में नहीं डाली जाएगी तब तक कोई भी मतफिरा कानून का सहारा लेकर पुर्नविवाद पैदा कर सकता है। 
       4. पूर्व राष्ट्रपति के.आर.नारायणन एवं वर्तमान राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी का उदगार की ‘‘न्यायपालिका में अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़े वर्गां का प्रतिनिधित्व नग्ण्य है’’, का विचार से यह परिषद् शत्-प्रतिशत सहमति जाहिर करती है। इस विचार के आलोक में हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) का यह राष्ट्रीय परिषद् प्रस्ताव पारित कर यह मांग करती है कि न्यायपालिका में भी आरक्षण हो एवं संविधान में उल्लेखित बातों के आलोक में एक न्यायिक आयोग की गठन की मांग भी किया जाता है |
      5. वर्ष 1950 से लेकर अब तक जो अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के लिए निर्धारित कोटा अर्थात 15 प्रतिशत और 10 प्रतिशत है, में कितनी नियुक्तियॉं हुई और कितना शेष बैकलॉग बचा हुआ है। इसके लिए एक आयोग गठित किये जाने की मांग एवं बैकलॉग पूरा करने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग किया जाता है।
       6. सरकारी सेवाओं की संख्या कमतर होने एवं निजी सेवाओं में बढ़ोतरी होने को दृष्टिगत करते हुए बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के सपनों के अनुरूप निजी क्षेत्र में भी आरक्षण लागू करने की प्रस्ताव पारित किया जाए।
      7. मा. उच्चतम न्यायालय के निदेशों के बावजूद भी बिना वैकल्पिक व्यवस्था कराये शहरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में झुग्गी-झोपड़ियों को बूलडोजर चला कर अतिक्रमण के नाम पर ध्वस्त करने एवं फुटकर दुकानदारों को अतिक्रमण के नाम पर विस्थापित करने जैसी सरकार के काम की निंदा इस परिषद् द्वारा किया जाता है एवं मांग किया जाता है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए झुग्गी- झोपड़ियों/ फुटकर दुकानदारों को विस्थापित नहीं किया जाए एवं उनकी वैकल्पिक व्यवस्था शीघ्र करने की मांग किया जाता है।
        8. वृद्धजनों एवं बेरोजगार युवकों को पेंशन क्रमशः एक हजार एवं पॉंच हजार रूपये देने की व्यवस्था हेतु प्रस्ताव पारित कर मांग किया जाता है।
        राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने आज की बैठक मे तीन बिंदुओं पर सभी आमंत्रित राज्य परिषद के सदस्यों से राय मांगा। बैठक मे सभी राज्य परिषद के सदस्यों ने खुलकर अपने अपने विचारों को रखा और सभी ने इन तीनों प्रस्ताव का समर्थन किया और साथ ही अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी के प्रति अपनी गहरी निष्ठा प्रकट की।    
      इस राष्ट्रीय परिषद की  में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व वृषिण पटेल, पूर्व विधायक का ज्योति देवी, राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ0 दानिश रिजवान, सुभाष परमार  दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष, सुजाता सिंह राष्ट्रीय सचिव यूपी, राजपाल यादव, प्रदेश महासचिव महेंद्र सदा, प्रवक्ता विजय अनामिका पासवान रामविलास प्रसाद ज्योति सिंह टूटू खान मो मसूद रजा, देवेंद्र मांझी राजेशवर मांझी रामचंद्र राऊत सुभाष सिंह चंद्रवंशी बलमा बिहारी राशन देवी, साधना देवी, मरेंद्र कुमार त्रिपाठी आदि नेता इस बैठक में मौजूद थे।
       हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने पटना के  कुर्जी हॉस्पिटल के नजदीक सेवा सदन में आयोजित दो दिवसीय राज्य परिषद की बैठक के समापन के बाद अपने सरकारी आवास 12एम स्टैंण्ड पटना में प्रेस वार्ता बुलाई।
इस प्रेस वार्ता में श्री मांझी ने दो दिवसीय राज्य परिषद की बैठक में ऊपर अंकित पार्टी द्वारा पारित तीन प्रस्तावित को विस्तार से प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के समक्ष रखा। श्री मांझी ने प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथियों को यह बताया कि राज्य परिषद की बैठक में  सदस्यों द्वारा 50% लोकसभा चुनाव की सीटों पर पार्टी की मजबूती को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष से कम से कम लोकसभा चुनाव में 20 सीटों पर चुनाव लड़ने की दावेदारी को लेकर अपने विचार रखे।
       श्री मांझी सिंह पत्रकार द्वारा यह पूछा गया कि क्या आप भी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे तो उन्होंने स्पष्ट किया कि यह हमारी पार्टी के नेताओं एवं सदस्यों का अपना मंत्रणा था। जिन्होंने अपने विचारों से हमें अवगत कराया है। आने वाले समय में महागठबंधन की बैठक में जो भी निर्णय होगा सभी मिल बैठकर करेगी किसको कितनी सीटों पर चुनाव लड़ना है यह पार्टी के नेताओं का व्यक्तिगत तौर पर मुझे जो सुझाव दिया गया है। हम उनकी इस भावना का कद्र करते हैं।
      इस प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री डॉ0 महाचंद्र प्रसाद सिंह, राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ0 दानिश रिजवान, प्रदेश प्रवक्ता विजय यादव, रामविलास प्रसाद, रघुवीर मोची, हेमलता पासवान, राजीव नयन बलमा बिहारी, प्रदेश मीडिया प्रभारी अमरेंद्र कुमार त्रिपाठी मौजूद थे।

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