सहरसा में AIIMS को लेकर आंदोलन हुआ तेज, बड़े आन्दोलन की धमकी

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सहरसा से राजा कुमार की रिपोर्ट

सहरसा/बिहार : सहरसा में हीं हो एम्स निर्माण को लेकर बीते 24 से 30 दिसंबर तक एम्स निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले 7 दिवसीय अनशन किया गया था वहीँ पुनः 31 दिसम्बर से पीपुल्स पॉवर के बैनर तले पूर्व BDO गौतम कृष्ण के नेतृत्व में सहरसा स्टेडियम के समीप 7 दिवसीय अनशन शुरू किया गया।

 आज अनशन के तीसरे दिन पूर्व BDO ने मीडिया को  बताया कि सरकार के इस रवैये से समस्त सहरसावासी आहत हैं, इसलिए अनशन में लगातार सबों का सहयोग मिल रहा है। कई शैक्षणिक संस्थानों के डायरेक्टर, शिक्षक एवं छात्रों का भी भरपुर समर्थन मिल रहा है । पुर्व BDO ने कहा कि सहरसा गरीब और पिछड़ा इलाका है, वर्षों से कोशी की विभीषिका को झेलता आ रहा है। बीमारों की संख्या अपेक्षाकृत अन्य इलाकों से ज्यादा है और एम्स के सभी शर्तो को पुरा करता है और सरकार द्वारा पूर्व प्रस्तावित है, इसलिए हरहाल में एम्स का निर्माण सहरसा में हीं हो, क्योंकि एम्स सहरसा का हक, हकीकत और जरूरत है।

मौके पर मौजुद युवा राजद के राष्ट्रीय महासचिव अजय सिंह ने कहा कि विकसित क्षेत्र को और विकसित बनाना कहाँ तक न्यायोचित है? दरभंगा में पूर्व से हीं मेडिकल कॉलेज और वहाँ एम्स की स्थापना उत्तर बिहार के उन तमाम गरीब और मजलूमों के साथ अन्याय है जो वर्षों से एम्स की आस में थे। नीतीश बाबु राजनीतिक साजिश के तहत एम्स को दरभंगा ले गयें हैं।

मौके पर लोकतांत्रिक जनता दल के जिलाध्यक्ष धनिकलाल मुखिया ने कहा कि सहरसा में एम्स निर्माण समय की जरूरत है। सहरसा बाढ़ प्रभावित इलाका है, जहां स्वास्थ्य सुविधा का भी घोड़ अभाव है। सहरसा कमिश्नरी एम्स निर्माण के निर्माण के सभी मानक को पूरा करता है। यहाँ के राजनीति दल नेता, जनप्रतिनिधियों के संवेदना को देखकर लगता है कि सहरसा के विकास में कोई दिलचस्पी हीं नहीं है। विगत विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार को कोशी में 11 विधायक दिए बावजूद कोशी के साथ यह अन्यायपुर्ण फैसला वापस लेना चाहिए और सहरसा में एम्स निर्माण हो। जिला पार्षद सह युवा लोकतांत्रिक जनता दल के अध्यक्ष धीरेन्द्र यादव ने कहा कि सहरसा प्रमंडल में सरकार के तीन तीन वरिष्ठ मंत्री है, और एम्स निर्माण के लिए सहरसा हर मानक पर खड़ा उतरता है लेकिन यहाँ के मंत्री और जनप्रतिनिधि कोई भी प्रयास नहीं किये, अगर ईमानदारी से प्रयास किये होते तो एम्स दरभंगा में नहीं सहरसा में बनी होती।

मौके पर पहुंचे सत्तरकटैया के प्रमुख कृष्ण कुमार उर्फ माखन यादव ने कहा कि सहरसा बाढ़ से प्रभावित इलका है और यहां के लोग बीमारी का दंश झेल रहे हैं। सहरसा एम्स के सभी प्रारूप को पूरा करता है इसलिए हम सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह करते हैं कि एम्स निर्माण हेतु अपना सहयोग देने का काम करे। वहीं अनशन स्थल पर पहुंचे बिनोद झा एवं प्रवीण आंनद ने कहा कि समय रहते सरकार को अपने निर्णय पर पुनः विचार करने की जरूरत है, नहीं तो बड़ा जनांदोलन को तैयार रहें सरकार।

मौके पर अनशनकारी पूर्व BDO गौतम कृष्ण, बैजनाथ भगत, प्रलाद्ध कुमार राय, नीतीश सरकार, धीरज कुमार सिंह, विलाश गुरु के अलावा बिनोद कुमार झा, प्रवीण आनंद, विद्यानंद झा, धनिकलाल मुखिया, धीरेन्द्र यादव, व्यपार संघ के विशाल गुप्ता, वैश्य समाज के राजीव रंजन साह, समाजसेवी सुभाष गांधी, नीतु कुमारी, युवा राजद के महासचिव अजय सिंह, प्रमुख माखन यादव, शाहपुर मुखिया के पुत्र राहुल यादव, शंकर कुमार शशि, युवा जदयु के उपाध्यक्ष आलोक यादव उर्फ बॉस, प्रभात यादव, युवा राजद के सचिव दिलीप यादव, कोशी युवा फाउंडेशन के अध्यक्ष रितेश यादव, युवा राजद के संगठन सचिव मनोज यादव, सतीश यादव, पवन कुमार झा, राहुल, दीपक, दिलीप बाबु, अमरदीप, मौसम यादव सहित अन्य दर्जनों मौजुद रहें।


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