मधेपुरा : अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को खुश रखने की कवायद तेज, अधूरे निर्माण कार्यों को पूरा करने में जुटे अधिकारी  

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कई माह पहले मुख्यमंत्री द्वारा सड़क निर्माण कार्य का किए गए शिलान्यास का अब दिन और रात युद्ध स्तर पर हो रहा है निर्माण कार्य, आगनबाडी केन्द्र निर्माण कार्य, पशु शैड निर्माण कार्य, गली नली निर्माण कार्य और जल नल निर्माण कार्य आदि युद्ध स्तर पर जारी, लोग हैं अचंभित: लोगों का कहना है कि अगर इस तरह अधिकारीयों द्वारा पहले भी काम किया जाता तो गाॅव शहर स्वर्ग बन जाता

प्रेमजीत कुशवाहा
 संवाददाता
उदाकिशुनगंज, मधेपुरा

उदाकिशुनगंज/मधेपुरा/बिहार : मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज प्रखंड मुख्यालय के डोहटवारी टोले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित यात्रा को देखते हुए मधेपुरा जिले के तमाम अधिकारियों के द्वारा मुख्यमंत्री को खुश रखने की कवायद चल रही है। कई माह पहले मुख्यमंत्री द्वारा सड़क निर्माण कार्य का किए गए शिलान्यास का अब दिन और रात युद्ध स्तर पर निर्माण कार्य पूरा किया जा रहा है।

इतना हीं नहीं आंगनबाड़ी केन्द्र निर्माण कार्य, पशु शैड निर्माण कार्य, गली नली निर्माण कार्य, और जल नल निर्माण कार्य आदि युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। विभाग के वरीय अधिकारियों से लेकर अन्य अधिकारियों का दौरा लगातार हो रही है। पिछले दिनों जिलाधकारी, पुलिस अधीक्षक, डीडीसी सहित कई अन्य बड़े अधिकारियों ने तीन बार दौरा कर कार्य मे तेज़ी लाने का निर्देश दिया है।

वहीँ मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर हेलीपेड, मंच स्थान, महादलित बस्ती सहित क्षेत्र की सड़कों का निरक्षण किया गया था। इधर क्षेत्र की लोगों के बीच चहुँ और चर्चा का दौर भी शुरू हो गया है। स्थानीय लोग अचंभित हैं लोगों का कहना है कि अगर इस तरह अधिकारीयों द्वारा पहले भी काम किया जाता तो गाॅव के गाँव और शहर के शहर स्वर्ग बन जाता। लोगों में खासा चर्चा है कि मुख्यमंत्री आएंगे, वह क्या देखेंगे, उन्हें क्या पसंद होगा, कहीं नाराज तो नहीं हो जाएंगे, अधिकारी इन बातों का पूरा ख्याल रख रहें हैं। अधिकारी को पता है मुख्यमंत्री को उनके अनुरुप योजना दिखनी चाहिए। इसे लेकर अधिकारी के कदम दिन रात कैंपिग कर आगे बढ रहें है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस गांव में आगमन को लेकर डोहटवारी गाँव के महादलित बस्ती की मानो सूरत ही बदल रही है। कई सप्ताह से इस गांव को संजाने-संवारने में जिला एवं अनुमण्डल के तमाम वरीय अधिकारी दिन-रात एक किए हुए हैं। तमाम अधिकारी मुख्यालय को हर तमाम मूलभूत सुविधाओं से लैस करने में लगे हुए हैं। अब तो गांव के लोगों को लगता है कि उनका सपना जल्द साकार होने वाला है।

जहां सदियों से अंधेरा छाया था, आज वहां उजाले के द्वीप जलेंगे : डोहटबारी महादलित टोला को रोशन किए जाने की भी कवायद तेज कर दी गई है। इस टोले में सदियों से अंधेरे का बादल छाया हुआ था। जहां सुबे के मुखिया के आने मात्र की संभावना से गांव उजाले की ओर आगे बढ रहा है। मुख्यमंत्री के गांव में पांव रखने से पहले ही घर आंगन की तस्वीरे बदलने लगी है। जहां सदियों से अंधेरा छाया था, आज वहां उजाले के द्वीप जलेंगे। बिजली व्यवस्था को लेकर कैंपिंग किया जा रहा है। 

हर घर में होगा शौचालय : महादलित बस्ती दोहटबारी की आबादी लगभग 300 सौ से 400 सौ के बीच बतायी जा रही है।  इस गांव के सभी घरों में शौचालय निर्माण की कबायद युद्धस्तर पर शुरू हो चुकी है। गांव में शौचालय निर्माण को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। गांव की महिलाओं और पुरुषों में शौचालय निर्माण की योजना से बहुत खुश हैं। लोगों का कहना है कि पहले खुले में गांव के बाहर शौच के लिए जाना पड़ता था लेकिन अब शौचालय के निर्माण हो जाने से इस परेशानी से निजात मिलेगी।

आंगन होकर भी बन रहा पक्की सड़क : मुहल्ले के महादलितों का कहना है कि हमलोगों ने सपनें में भी नहीं सोचा था कि हमारे दिन अब बहुरेंगे। आज मुहल्ले को कौन कहें आंगन के रास्ते भी सड़क बन रही है। इसे गली की सड़क का नाम दिया जा रहा है। मुहल्ले के चारों ओर से सड़क और गली-नली का निर्माण हो रहा है।

शुद्धपेयजल होगा नसीब : मुहल्ले में बोरिंग गलाएं जा रहे हैं। रिमूवल प्लांट मशीन बैठाया जा रहा है। जमीन के अंदर पाईप बिछाया जा रहा है। घर घर नल लगाया जा रहा है। जहां लोगों को शुद्धपेयजल नसीब नहीं  था। वहीं अब मुहल्ले वासी को मुख्यमंत्री के आगमन से पहले शुद्ध पेयजल नसीब होगा।


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