गो गैस कंपोजिट एलपीजी सिलिंडर अब बिहार मे उपलब्ध, ब्लास्ट प्रूफ, वजन मे हलके, एलपीजी की मात्रा दिखानेवाला सिलिंडर

728x90
Spread the news

अनुप ना. सिंह
स्थानीय संपादक

पटना/बिहार : कॉन्फिडेन्स समूह ने पटना मे एक समारोह मे समूह एलिट गो गैस नाम से फ्यूचरिस्टिक एलपीजी सिलेंडर का बाजार मे लांच किया। कॉन्फिडेन्स समूह एशिया के सबसे बड़े एलपीजी सिलेंडर निर्माता और एलपीजी बॉटलर है तथा देश भर मे गो गैस के नाम से मशहुर 147 ऑटो एलपीजी गैस स्टेशन, 58 बॉटलींग प्लांटए 15 सिलेंडर मैफेच्क्चुरिंग युनिट संचालित करते हुए देशभर मे गो गैस ब्रांड के नाम से रसोई गैस सिलेंडर 950 डीलर्स के माध्यम से देश की जनता की सेवा मे लगा हुआ है।

इस अवसर पर बोलते हुए श्री सचिन दुधे ने कॉमपोजिट एलपीजी सिलेंडर्स को बाजार मे उतारने को क्रांतिकारी पहल बताया। श्री सचिन दुधे ने कॉमपोजिट सिलेंडर्स की विशेषताओ पर जोर देते हुए कहा की कॉमपोजिट सिलेंडर के मुख्य तौर पर तीन विशेषताए है जिस की वजह से यह सिलेंडर मेटल बॉडी सिलेंडर के मुकाबले काफी आधुनिक है।

कॉमपोजिट सिलेंडर की पहली विशेषता है की वह मेटल बॉडी सिलेंडर के मुकाबले लगभग आधे वजन के होते है। हल्के वजन के होने के कारण देश की महिलाओं को भारी भरकम गैस सिलेंडर उठाने से मुक्ती मिलेगी जो लग भग 65 सालो से मेटल बॉडी सिलेंडर का वजन ढो रही थी, जिस से उनके रीढ की हड्डी पर सालों से विपरीत परिणाम हो रहा था।

इन सिलेंडरों की दुसरी विशेषता है कि यह पारदर्शी होते है जिससे हम गैस का स्तर सिलेंडर मे देख पाएंगे। श्री सचिन दुधे ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान मे देश की जनसंख्या 125 करोड है जिसमे से 75 करोड जनता के पास एलपीजी गैस कनेक्शन है किंतु यह एक चिंता का विषय है की देश के तकरीबन 70 करोड जनता को आज भी पूर्णतः यह पता नही की सिलेंडर मे गैस का सही वजन कितना होना चाहिए। गो गैस एलिट के सिलेंडर्स पारदर्शक होने की वजह से सिलेंडर मे गैस की मात्रा हमेशा देखी जा सकती है जिससे गैस की चोरी की समस्या से बचा जा सकता।

श्री सचिन दुधे ने तीसरे और सब से अहम विशेषता के बारे मे बताते हुए कहा कि यह सिलेंडर ब्लास्ट प्रुफ हैश तथा आग लगने की स्थिती मे इन सिलेंडरो मे विस्फोट नही होता, जिससे जान और माल के होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है।

गो गैस पूर्वी भारत के डीजीएम संजय जेना ने कहा भारत मे आने वाले समय मे लोग चरणबद्ध तरीके से कंपोजीट एलपीजी सिलेंडर को इस्तमाल करना शुरू करेंगे क्योंकि कॉमपोजिट सिलेंडर्स की अनेकों खुबियों है। यह क्षेत्र भविष्य मे हजारो की तादाद मे रोजगार निर्माण करने की क्षमता रखता है। यह सिलेंडर वजन मे हल्के, आकर्षक डिजाईन, पारदर्शक और अधिक सुरक्षित है तभी तो सभी विकसित देशों जैसे अमेरिका, जपान, ऑस्ट्रेलिया तथा युरोप मे वर्षो से इस्तमाल हो रहे है तथा बेहद लोकप्रिय भी साबित हुए है। अब भारत मे पहली बार उपलब्ध यह सिलेंडर करोडो एलपीजी ग्राहको तथा गृहिणीयो के जीवन मे महत्वपूर्ण परिवर्तन लायेगा तथा उनके जीवन को सुरक्षित एवं सहज करेगा क्योंकि भविष्य कॉमपोजिट एलपीजी सिलेंडर का है।

श्री संजय जेना ने आगे बताया की लोहे के सिलेंडर वर्षों से लाखों घरो मे आज भी खाना बनाने मे इस्तमाल हो रहे है, पर इसके इस्तेमाल मे परेशानी है। 30 किलो वाले लोहे के सिलेंडर को उठाने मे महिलाओं एवं पुरुषों की रीढ की हड्डी टूटने का हमेशा खतरा बना रहता हैं। मेडिकल साईन्स के मुताबिक 23 किलो से अधिक वजन उठाना किसी भी व्यक्ती की सेहत के लिए हानीकारक है तथा अपाहिज होने का खतरा रहता है। 5 किलो व 2 किलो के छोटे कॉमपोजिट गैस सिलेंडर स्टूडेन्टस, होस्टल्स, अस्पताल, पिकनिक, आउटडोर पार्टी के लिए अति उपयोगी साबित होंगे। यह सिलेंडर तूरंत उपभोगताओं को दिए जाएंगे तथा ग्राहकों की रिफील की माँग को तूरंत पुरा किया जाएंगा।

श्री संजय कहा पिछले 65 वर्षों से लोहे के बने एलपीजी सिलेंडर्स इस्तमाल हो रहे हैं जब की दुसरे क्षेत्रों मे भारी तकनीकि बदलाव हुए है। ब्लैक एंड वाईट टी वी की जगह एलईडी टीवी ने ली, एम्बेसडर कार से बीएमडब्ल्यू घुमाने वाले फोन से स्मार्ट फोन, यह सभी क्षेत्र मे महत्वपूर्ण परिवर्तन आये है परंतु आज भी 65 वर्ष पुराने लोहे के सिलेंडर इस्तमाल किए जा रहे हैं।

एलिट गो गैस ने भारतीय बाजार मे पूर्णतह सुरक्षित, लाईट एवं आधुनिक डिजाईन वाले कॉमपोझिट गैस सिलेंडर उतारने का निर्णय लिया जो सपना आज साकार हो रहा है। इन सिलेंडरो मे विस्फोट का कतई खतरा नही होता जिससे जान और माल की हानी से बचा जा सकता है। ग्राहक के परिवार की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ-साथ घर मे लगे कीमती मार्बल या टाईल्स के फूटने या उस पर जंग लगने का भी खतरा नही होता।

कंपनी के जनरल मैनेजर सचिन दुधे ने बताया की वो हर व्यक्ती कॉमपोजिट सिलेंडर को अपनाएगा जो अपने परिवार की सुरक्षा एवं स्वास्थ के प्रति जागरूक है।


Spread the news