

जनता नहीं नेताओं में है धर्म के नाम पर कट्टरवाद : अब्दुर रहमान

ब्यूरो-लुधियाना, पंजाब
लुधियाना/पंजाब : आज यहां शाहीन बाग प्रदर्शन के 18वें दिन महाराष्ट्र बैच के आई.पी.एस. अधिकारी अब्दुर रहमान जो सी.ए.ए का विरोध करते हुए अपनी नौकरी से इस्तीफा दे चुके हैं के पहुंचने पर बड़ा जनसमूह उमड़ के उन्हें सुनने के लिए आया। राहों रोड चुंगी से प्रधान मुहम्मद जमील अहमद, हाफिज़़ हाशिम अंसारी, मुहम्मद सिकंदर, मुहम्मद इंतजार शाकिर, मुहम्मद साबिर, मुहम्मद इकबाल,आतिफ, मुहम्मद शहीद, मुहम्मद मंज़ूर की अध्यक्षता में महिलाओं के काफिले भी साइन बाग पहुंचे।
मंच का संचालन करते हुए नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी ने कहा कि पंजाब की धरती से शाहीन बाग प्रदर्शन कौमी एकता की मिसाल बनकर उभरा है यहां से सभी धर्मों के लोग केंद्र सरकार को धर्म की राजनीति के खिलाफ एक जुटता का संदेश दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए इस्तीफा देने वाले आईपीएस अधिकारी अब्दुर रहमान ने कहा कि सी.ए.ए., एन.आर.सी. और एन.पी.आर. केंद्र सरकार द्वारा अपनी ही जनता के खिलाफ बनाई गई एक साजिश का नाम है। उन्होंने कहा कि हजारों सालों से इस धरती पर रहते आ रहे नागरिकों को उनकी नागरिकता का प्रमाण पूछना ही राष्ट्र के लिए शर्म की बात है। अब्दुर रहमान ने कहा कि बाहर के देशों से आने वाले शरणार्थियों के लिए हमेशा ही भारत ने बड़ा दिल दिखाया है लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि केंद्र सरकार धर्म के नाम पर शरणार्थियों को बांट कर राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है। अब्दुर रहमान ने कहा कि भारत की जनता में कट्टरवाद नहीं है बल्कि कई राजनेता धर्म के नाम पर सियासी रोटियां सेंकते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार में बैठे हुए राजनेता सत्ता के नशे में चूर होकर अपनी जनता के साथ टकराव का रास्ता अपना रहे हैं और देशभर में शांतिपूर्वक चल रहे शाहीन बाग प्रदर्शनों की विरोधता करना लोकतंत्र का गला दबाने के बराबर है।

आज शाहीन बाग प्रदर्शन में जफर आलम, सज्जाद आलम, इरशाद अंसारी, साबिर अली, मुस्तकीम करीमी, मुहम्मद रफीक, सनाउल्लाह अंसारी, अल्ताफ जोशन, हकीम इसराफिल, मास्टर फिरोज, रूस्तम खान, आबिद अंसारी ने भी संबोधित के किया।
