मधेपुरा सदर अस्पताल में बढ़ती जा रही है गॉर्ड की दबंगई, महिला के साथ किया अभद्र व्यवहार और मारपीट

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अमित कुमार अंशु
उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : सदर अस्पताल मधेपुरा में आए दिन किसी न किसी मामले को लेकर विवाद होता ही रहता है। खासकर अस्पताल में तैनात गार्ड को लेकर आए दिन मरीजों उनके परिजनों एवं गार्ड से मारपीट होती रहती है। इस मामले को लेकर सदर अस्पताल की काफी किरकिरी होती है। मगर अस्पताल प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रेंगती है।

गार्ड से मरीजों एवं उनके परिजनों में अस्पताल परिसर के अंदर मारपीट करने के कई मामले अख़बारों की सुखियाँ भी बन चुकी है बावजूद इसके  अस्पताल प्रशासन ना तो इन गार्डों पर कोई कार्रवाई करती है और ना ही इन गार्डों में अब तक कोई सुधार आया है। अस्पताल प्रशासन के द्वारा कोई भी कार्रवाई ना होता देख इन गार्डों का मनोबल और ऊंचा हो गया है। लगभग रोजाना मरीजों एवं परिजनों से गार्डों की बहस और झड़प हो ही जाती है।
बढ़ती जा रही है गॉर्ड की दबंगई : बदलते मौसम के कारण सदर अस्पताल में मरीज़ों की भीड़ बढ़ने के साथ गॉर्ड के दबंगई भी बढ़ती जा रही है। सदर अस्पताल के ओपीडी में महिला मरीजों की भीड़ को काबू करने के लिए महिला के बजाए पुरुष गॉर्ड को रखा गया है, जो महिला से हाथापाई करने से भी बाज नही आते है। ऐसी ही स्तिथि गुरुवार को ओपीडी के जनरल वार्ड के समीप देखी गई।

गुरुवार को बदलते मौसम से साथ सदर अस्पताल के ओपीडी में वायरल बीमारियों से ग्रषित महिला व पुरुष मरीज़ों की काफी भीड़ देखी जा रही थी। वहीं जनरल मरीज़ों को देखने के लिए मात्र एक डॉक्टर होने के कारण मरीज़ों की भीड़ काफी परेशान भी दिख रहे थे। सुबह आए मरीज़ों का दिन के एक बजे तक इलाज़ सम्पन्न नही हो पा रहा था, इससे मरीज काफी आक्रोशित भी थे।
महिला मरीज के साथ गार्ड ने किया अभद्र व्यवहार तथा मारपीट : गुरुवार को एक महिला मरीज ज्यादा बीमार होने के कारण डॉक्टर से जल्दी दिखाने का आग्रह तैनात पुरुष गार्ड से किया। मरीज ने गार्ड को अपनी परेशानी बताते हुए विनम्रता से कई बार गुहार भी लगायी। मौजूद अन्य मरीज भी गार्ड से मददगार बनने की बात कही। इसके बावजूद गार्ड मरीज को डॉक्टर से मिलवाने के बजाय अभद्र व्यवहार करने लगा। इसी दौरान महिला मरीज ने अन्य मरीजों से जगह मांगकर जल्दी इलाज़ के लिए वार्ड में घुस गई। फिर क्या था गॉर्ड ने महिला सम्मान की बातों को भूलते हुए हाथापाई पर उतर गए और वार्ड को रणभूमि बना दिया। इसी के साथ महिला के साथ हाथापाई करते हुए उसे बाहर निकाल दिया। पीड़ित मरीज द्वारा विरोध करने पर उक्त गार्ड ने अपने अन्य साथियों को बुला कर मरीज के साथ मारपीट करने लगा। सुरक्षाकर्मियों की हैवानियत से पीड़ित बार-बार बचाने की गुहार लगा रही थी मगर गार्ड साहब मानने वाले ही नहीं थे।
ओपीडी परिसर में रहा अफरा-तफरी का माहौल : जब गार्ड साहब मानने को तैयार नहीं हुए तो महिला इतनी क्रोधित हो गई कि उन्होंने भी गार्ड को चप्पल से मारने तक की बात कह दी। बात इतनी बढ़ गई कि ओपीडी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। मरीज एवं परिजन इधर-उधर भागने लगे ओपीडी परिसर गार्ड मरीज एवं बच्चे की रोने की आवाज भर गई। ओपीडी परिसर के अंदर हुई इस घटना से अन्यं मरीजों को काफ़ी कठिनाइयों का  सामना करना पड़ा। छोटे-छोटे बच्चों के मन में दहशत का माहौल बन गया। वहां मौजूद अन्य मरीज एवं परिजनों ने गार्डों के ऊपर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि गार्ड के मनमाने रवैया के कारण महिला मरीज के साथ पिटाई की गई है। उन लोगों ने कहा कि आए दिन अस्पताल में परिजनों एवं मरीजों से गार्ड की बहस हो जाती है। कुछ भी पूछने पर या किसी भी तरह की जानकारी लेने पर सीधे बदतमीजी पर उतर जाते हैं। कभी-कभी तो अभद्र शब्दों का भी प्रयोग करने लगते हैं। लोग अस्पताल में मरीजों इलाज करवाने आते हैं ना कि मरीज बनने आते हैं।
मरीजों एवं परिजनों ने कहा कि ऐसे गॉर्ड पर हो कार्रवाई : अस्पताल के लोगों के माने तो इस गॉर्ड का नाम सत्यनारायण सिंह है, जो अक्सर वार्ड के समीप महिलाओं से हाथापाई करते रहते है। मौके पर गॉर्ड द्वारा महिला के साथ बदतमीजी करने की बात से आक्रोशित मरीजों ने कहा कि अगर महिलाओ के साथ गॉर्ड इस तरह बदतमीजी करेंगे तो कैसे महिला इलाज के लिए सदर अस्पताल आएंगी। वहां मौजूद मरीजों एवं परिजनों ने कहा कि ऐसे गॉर्ड पर कार्रवाई होनी चाहिए। गॉर्ड के इस दबंगई को लेकर कई बार शिकायत भी की गई है, लेकिन गॉर्ड की कमी के कारण विभाग द्वारा कोई कार्रवाई भी नही किया जाता है जिससे गॉर्ड का मनोबल और भी बढ़ता जा रहा है। गॉर्ड बदतमीजी से अब महिलाओं के साथ हाथापाई पर भी उतारने लगे है, जो आगामी दिनों बड़ी घटना को भी अंजाम दे सकता है।
वहीँ इस बाबत जब सिविल सर्जन डा सुभाषचन्द्र श्रीवास्तव से पूछा गया तो उन्होंने मामले से अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि इस मामले पर डीएस व प्रबंधन से बात कर वार्ड के पास महिला गॉर्ड को भी तैनात किया जाएगा।


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