पटना/सिवान/बिहार : राजपूत और यादव बहुल सिवान जिले के दरौंदा विधानसभा उपचुनाव में राजद ने उमेश कुमार सिंह को टिकट देकर एनडीए गठबंधन की नींद उड़ा दी है। यादव मुस्लिम दलित पिछड़ा के साथ ही साथ राजपूत मतदाता भी राजद उम्मीदवार के पक्ष में गोलबंद नजर आ रहे हैं।
राजद उम्मीदवार व स्थानीय होने साथी साथ विगत 15 वर्षों से क्षेत्र में सक्रिय होने का भी फायदा मिलता नजर आ रहा है। जदयू के खाते में सीट जाने के बाद भाजपा के सभी दिग्गज नेता वहां मौन है। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी रहे जितेंद्र स्वामी की खामोशी भी बहुत कुछ कह रही है।
वहीं दूसरी तरफ सिवान के सांसद रहे तथा इस बार टिकट से वंचित किए गए ओम प्रकाश यादव तो खुलकर जदयू उम्मीदवार के विरोध में आ गए। उन्होंने साफ कहा है कि अपराधी चरित्र के व्यक्ति को कभी भी बर्दाश्त नहीं करेंगे तथा उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
सूत्र मानते हैं कि ओमप्रकाश यादव इस सीट से अपने पुत्र के लिए टिकट चाहते थे वह भाजपा के खाते में अगर यह सीट जाती तो यहां से जितेंद्र स्वामी या उनकी पत्नी सुनीता से उम्मीदवार इस्लाम नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष ब्यास देव सिंह भी एनडीए गठबंधन से टिकट की आस लगाए हुए थे। टिकट नहीं मिलने की स्थिति में उन्होंने निर्दलीय ताल ठोक दिया जो जदयू प्रत्याशी अजय सिंह के वोट बैंक में सेंधमारी कर सकते है।
जदयू प्रत्याशी को नीतीश कुमार के छवि साथ ही साथ मोदी मैजिक का भरोसा है। इस बार के उपचुनाव में स्थानीय मुद्दे कुछ ज्यादा ही प्रभावी नजर आ रहे हैं। नए परिसीमन के बाद विगत 12 वर्षों से यह सीट स्व जगमातो देवी कविता सिंह यानी अजय सिंह के परिवार के पास ही रहा है। इस बार लोकसभा चुनाव में यहां से जदयू विधायक व अजय सिंह की पत्नी कविता सिंह सिवान से सांसद निर्वाचित हुई है। .अजय सिंह ने पूर्व में विधान परिषद का चुनाव लड़ा था। उमेश सिंह का स्थानीय लोगों पर अच्छा खासा प्रभाव है। इनकी मां मुखिया है। अजय विरोधी सभी गुट खुलेआम और गुपचुप तरीके से इनकी मदद में लगे है सिवान में अजय सिंह के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए सभी विरोधी एकजुट होकर पर्दे के पीछे से भी इनकी मदद कर रहे हैं।