
संवाददाता, सदर
मधेपुरा
मधेपुरा/बिहार : शुक्रवार को आर० आर० ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्कूल मधेपुरा में कारगिल विजय दिवस को श्रद्धापूर्वक मनाया गया। जिसमें स्कूल सभी छात्र छात्रा सहित स्कूल सभी शिक्षक भाग लेकर कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों को नमन करते हुए कारगिल विजय दिवस को श्रद्धापूर्वक मनाया।
ज्ञात हो कि कारगिल युद्ध के 20 साल पूरे हो गए हैं। पाकिस्तान के साथ दो पूर्ण युद्ध के बाद यह एक सीमित युद्ध था, जो लगभग तीन महीने चला। पाकिस्तान के ऑपरेशन कोह-ए-पैमा का जवाब भारत ने ऑपरेशन विजय से दिया था।
इस युद्ध का एक परिणाम यह हुआ कि पाकिस्तान में एक बार फिर लोकतंत्र खत्म हो गया था। नवाज शरीफ बाद में जेल में डाल दिए गए। कारगिल युद्ध के मास्टर माइंड परवेज मुशर्रफ पाकिस्तान के सैन्य तानाशाह बन गए, जो बाद में उन्हीं अटल बिहारी वाजपेयी से आगरा में मिले, जिनके कार्यकाल में कारगिल युद हुआ था।
आगरा मे मुशर्रफ का शानदार स्वागत उसी वाजपेयी सरकार ने किया था, जो मुशर्रफ के कारनामों के भुक्तभोगी थी। दिलचस्प बात यही थी कि भारत के खिलाफ साजिश रचने वाला पाकिस्तानी सैन्य जनरल मोहाजिर था, जिसका परिवार भारत की राजधानी दिल्ली से गया था। नहीं तो इससे पहले भारत के खिलाफ तमाम हालांकि कारगिल इलाके में घुसपैठ कर सियाचिन से भारत को हटाने की योजना पाकिस्तानी सेना जनरल जिया उल हक के समय से बनाई जा रही थी। लेकिन जनरल जिया के अफगान युद्ध में सोवियत सेना के खिलाफ फंसे होने के कारण पाकिस्तान सेना ने जिया के समय में कारगिल घुसपैठ की योजना को टाले रखा था।
