मानव जीवन के तमाम लौकिक और पारलौकिक सुख गुरु दया पर ही आश्रित होते हैं – डॉ मनोज यादव
प्रिंस कुमार मिठ्ठू संवाददाता बिहारीगंज, मधेपुरा
ग्वालपाड़ा/मधेपुरा/बिहार : ग्वालपाड़ा प्रखण्ड क्षेत्र के पीरनगर पंचायत में बीते दिन जिला परिषद सदस्या ग्वालपाड़ा दक्षणि डिम्पल देवी के निवास स्थान पर शिव चर्चा का आयोजन किया गया। शिव चर्चा के आयोजन से पूरे प्रखण्ड क्षेत्र का माहौल भक्तिमय लग रहा था। हजारो की संख्या में शिव भक्तों ने इस परिचर्चा में भाग लेकर शिव के बिभिन्न लीलाओं का स्मरण किया।
शिव चर्चा में शिव भक्तों को संबोधित करते हुए समाजसेवी डॉ मनोज यादव ने शिव भक्तों को गुरु महिमा बताते हुए कहा कि प्रत्येक मनुष्य के जीवन में एक आध्यात्मिक गुरु की आवश्यकता होती है। गुरु का काम होता है परमात्मा से संबंध स्थापित करवाना। हम जीवन में जो कुछ भी करते हैं यथा पूजा-पाठ, दान-पुण्य, व्रत-उपवास, पढाई-लिखाई या अपनी आजीविका का प्रयास, यह तब तक पूरी की पूरी सफलता नहीं देता जब तक कि जीवन में कोई आध्यात्मिक गुरु न हो। क्योंकि हम जो भी करते हैं उसे भगवान तक पहुंचाने का काम गुरु ही करते हैं। हमारा मन जो सासारिक गतिविधियों की ओर भाग रहा है उस मन को परमात्मा की ओर गुरु ही मोड़ता है।
मानव जीवन के तमाम लौकिक और पारलौकिक सुख गुरु दया पर ही आश्रित होते हैं। उपनिषदों में कहा गया है गुरु पद को वही धारण कर सकता है जो हमारे ज्ञान की रक्षा करे, दुखों का नाश करे, जीवन में सुख लाए, हमें समृद्धि प्रदान करे एवं जिसकी शरण में हमारी सारी योग्यताओं का विकास हो जाए। शिव को जगतगुरु कहा गया है। गुरु पंथ की शुरुआत शिव से ही हुई है। ग्रंथों में और श्रीराम चरितमानस में इन्हें आदिगुरु कहा गया है। अंत मे सभी भक्तों ने भगवान शिव और हनुमान जी की आरती की। भक्तों के बीच महाप्रसाद के रूप में खीर भोजन करवाया गया।
मौके पर ग्रामीण बटेश्वर यादव, राम नारायण मेहता, रामचन्द्र यादव सहित हजारो ग्रामीण श्रद्धालु मौजूद ।