नालंदा : संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने दी सांकेतिक हड़ताल की सूचना, काला बिल्ला लगाकर करेंगे काम

मुर्शीद आलम
नालंदा ब्यूरो
बिहार

नालंदा/बिहार : जिला में कोरोना वायरस की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और मरीज अस्पतालों में पहुंच रहे हैं । ऐसी परिस्थिति में वर्धमान आयुर्विज्ञान संस्थान पावापुरी में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारी जिनकी तादाद लगभग 200 कार्यरत हैं । कर्मचारियों ने बैठक कर अस्पताल प्रशासन को एक लिखित आवेदन देकर सोमवार से काला बिल्ला लगाकर ड्यूटी में रहते हुए कार्य करने का निर्णय लिया है और उन्होंने बताया कि अगर उनकी परेशानियों को देखते हुए उन पर संज्ञान नहीं लिया गया तो वे हड़ताल पर भी जा सकते हैं ।

कर्मियों ने इस संबंध में विम्स पावापुरी अस्पताल अधीक्षक डॉ ज्ञान भूषण और प्राचार्य डॉ पीके चौधरी को आवेदन देकर गुहार लगाई है, जिसमें यह मांग की गई है कि उनसे अधिकतम समय की ड्यूटी ली जा रही है और उन्हें समय पर वेतन भी नहीं दिया जाता है । उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा तय राशि भी मासिक वेतन के अनुरूप में नहीं दिया जाता है और उनके राशि का रास्ते में ही गबन कर लिया जाता है। कर्मियों ने बताया कि फिलहाल उन्हें मात्र ₹7000 प्रतिमाह वेतन दिए जाते हैं जो समान काम समान वेतन के मूल अनुरूप नहीं है । कर्मचारियों ने कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के समय ड्यूटी पर तैनात रहे अपनी सेवा को देते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण में उनकी उचित सुरक्षा की भी व्यवस्था  की जाए ।

उन्होंने कहा कि इसके लिए जिला अधिकारी योगेंद्र सिंह को भी सूचना दी गई है । कर्मियों ने यह भी बताया कि हम लोगों को लिखित आश्वासन दिया जाए अन्यथा हम लोग को हड़ताल करने पर मजबूर होना पड़ेगा, क्योंकि स्वास्थ्य कर्मियों से कोरोना आईशोलेशन के वार्ड में ड्यूटी कराया जाता है जिसका उन्हें लिखित प्रमाण पत्र भी नहीं दिया जाता और ना ही उनकी सुरक्षा के प्रति अस्पताल प्रबंधन द्वारा ध्यान दिया जाता है।

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