मधेपुरा : बीएनएमयू में एआईएसएफ एवं एआईवाईएफ का एक दिवसीय धरना

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बीएनएमयू में चरम पर है भ्रष्टाचार, नहीं होते हैं छात्र हित के काम  ⇔  स्थापना के तीन दशक में भी विवि समय पर नहीं दे पाया नामांकन, परीक्षा व परिणाम  ⇔  विवि पहल नहीं करेगी तो और उग्र होगा आंदोलन  

अमित कुमार अंशु
उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : बीएनएमयू परिसर में वाम छात्र संगठन एआईएसएफ एवं एआईवाईएफ के द्वारा एक दिवसीय धरना दिया गया. दोनों संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से लेकर पूरे परिसर में घूम कर जम कर नारेबाजी की गई. उसके बाद सभी कार्यकर्ता धरना स्थल पर बैठ गये. धरना स्थल पर एआईएसएफ के राष्ट्रीय परिषद् सदस्य सह बीएनएमयू प्रभारी हर्ष वर्धन सिंह राठौर की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने जमकर विश्वविद्यालय के कार्यों की आलोचना की.

एआईवाईएफ के राष्ट्रीय परिषद सदस्य शंभू क्रांति ने कहा कि बीएनएमयू में अराजकता चरम पर है. छात्र हित के कामों को प्राथमिकता नहीं दी जाती है. वरीय पदाधिकारी नियम परिनियम से परे मनमानी करते हैं. स्थापना के तीन दशक बाद भी समय पर नामांकन, परीक्षा व परिणाम सपना ही बना हुआ है. एआईएसएफ के संयुक्त जिला सचिव सौरभ कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय की छवि लगातार धूमिल हो रही है. गर्ल्स हॉस्टल को अभी तक शुरू नहीं किया गया है. वहीं संगठन के कई प्रयास के बाद भी सरकार के फैसले छात्रा व एससी-एसटी के नि:शुल्क शिक्षा को शुरू नहीं किया गया. विश्वविद्यालय के दोनों परिसर में पुलिस चौकी की व्यवस्था अभी तक नहीं की गई.

शराब व कोरेक्स की फैली बोतल दर्शाता है विवि की कुव्यवस्था : एआईवाईएफ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार मुन्ना एवं एआईएसएफ नेता दीपांशु सिंह राजपूत ने कहा कि यह आंदोलन विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत लड़ाई का शंखनाद है, जो मांग पूरी नहीं होने पर और उग्र होगा. धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता करते हुए संगठन के विश्वविद्यालय प्रभारी हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने कहा कि कुलपति सहित अन्य वरीय पदाधिकारियों को लगातार मांग पत्र देने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई. बीएड में अनेकानेक खामियां को साक्ष्य सहित उपलब्ध कराने के बाद भी जांच की अभी तक पहल नहीं हुई. विश्वविद्यालय में यत्र तत्र शराब व कोरेक्स की फैली बोतल कुव्यवस्था को दर्शाती है. सुरक्षा को लेकर दोनों परिसर में लगातार मांग के बाद भी पुलिस चौकी की व्यवस्था नहीं हुई. आश्वाशन के बाद भी संगीत व नाट्यशास्त्र, पत्रकारिता सहित अन्य विषयों की पढ़ाई शुरू नहीं हुई. बीएसएस कॉलेज सुपौल में सीनेट के फैसले के बाद भी स्नातकोत्तर की पढ़ाई शुरू नहीं हुई. कोर्स वर्क परीक्षा का अंकपत्र अभी तक नहीं मिला व पैट 2020 की तिथि घोषित नहीं हुई.

विवि में मजाक बन कर रह गया है सरकार व सीनेट-सिंडीकेट का फैसला : छात्र नेता हर्षवर्धन सिंह राठौर ने कहा कि बीएनएमयू में सरकार व सीनेट-सिंडीकेट का फैसला मजाक बन कर रह गया है. छात्र नेता राठौर ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय तीन दिनों के अंदर कारगर कदम नहीं उठाता है तो 18 दिसंबर से संगठन उग्र आंदोलन को बाध्य होगा.

 धरना प्रदर्शन में मधेपुरा के अभीनाश, संतोष, नीतीश, प्रभाष, अमरजीत, आशुतोष, रौशन, धुव्र, नवीन, अरविंद, गौरीशंकर, सौरभ, नवसित, सुदर्शन, राजेश, बिट्टू, अजय, सहरसा के प्रेम शंकर सिंह, मनजीत, सुमित व सुपौल के सीमांत, परशुराम, विक्की, प्रमोद आदि मौजूद रहे. इस दौरान संगठन के एक शिष्टमंडल ने बीएनएमयू कुलपति प्रो डा आरकेपी रमण से मिलकर आवेदन सौंपा व यथाशीघ्र पहल की मांग की. वहीं प्रभारी कुलसचिव प्रो ललन अद्री, कुलानुशासक प्रो विश्वनाथ विवेका, विश्वविद्यालय पदाधिकारी प्रो उदय कृष्ण,प्रो गजेंद्र ने धरना स्थल पर पहुंच कर, संगठन के सदस्यों से उनकी मांगों पर चर्चा कर सकारात्मक पहल की बात कही.


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