मधेपुरा : दीपावली की शाम दीप और झालरों से जगमगा उठा शहर, लोगों में दिखा उत्साह

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अमित कुमार अंशु
उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : जिले के तमाम घर-गली-चौराहा दीपावली की शाम लाखों दीपों से जगमगा उठा। संध्या से ही रंगोली सजाने के लिए घरों की महिलाएं एवं युवतियों ने सामग्री इकठ्ठा कर लिया और सजाने का काम शुरू किया। संध्या पांच बजते ही दिये जलने के बाद घर-चौराहे पर हर तरफ प्रकाश छा गया तथा चौराहे की सुंदरता को चार चांद लग गए। दीप सजाने से पूर्व आकर्षक रंगोली सजाई गई। इसे लेकर मुख्यालय के विभिन्न मोहल्ले में उत्सव का माहौल दिखा। कहीं महिलाएं व बच्चे रंगोली सजाने में व्यस्त दिखे तो कहीं बच्चे अभिभावकों के साथ पटाखे व फुलझड़ियां छोड़ते हुए आनंदित होते रहे। चायनीज बल्बों से लोगों ने मकानों को सजाया। चारों तरफ रोशनी से बाजार जगमग करते रहा। लोगों ने शुक्रवार की शाम से ही अपने घरों को दीपों से व बिजली के बल्ब से दुल्हन की तरह सजाया। परंपरा का प्रतीक हुक्का-पाती खेला गया व आकाशदीप भी जलाए गए और बच्चों ने जमकर पठाखे भी छोड़े। दीपावली में बच्चे-बुजुर्ग सभी में काफी उत्साह दिखा।

पुलिस व्यवस्था रही मुस्तैद : रोशनी का पर्व दीपावली जिले भर में धूमधाम के साथ मनाई गई। इस दौरान चारो तरफ खुशियों का माहौल नज़र आया। देर रात तक लोग आतिशबाज़ी में व्यस्त रहे। इससे पहले घरों, दुकानों और दफ़्तरों को आकर्षक रंगीन लाइट्स से जगमग किया गया. इस दौरान चारो तरफ खुशियों का माहौल नज़र आया। लोगों ने अपने-अपने तरीके से घरों और प्रतिष्ठानों में ख़ास सजावट की। लोगों ने विधि विधान के साथ लक्ष्मी पूजन किया और फिर आतिशबाजी की। दिवाली को देखते हुए जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले में पुलिस व्यवस्था मुस्तैद रही। एक दूसरे को बधाई देने का सिलसिला सोश्यल साइट्स पर भी चला। लोगों ने एसएमएस, व्हाट्सऐप और फेसबुक जैसे सोशल नेटवर्किंग माध्यमों के ज़रिये एक दूसरे को दीपावली की शुभकामनाएं की।

मिठाई एवं पटाखों की खूब हुई खरीदारी : ज्योति पर्व दीपावली जिले भर में शनिवार को धूमधाम से मनाई गई। शुभ मुहूर्त में घरों, मंदिरों, पंडालों और प्रतिष्ठानों में विघ्र विनाशक गणेश जी एवं माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा की गई। वहीं आतिशबाजी से आसमान सतरंगी हो गया। धरती और आसमान का नजारा देखते ही बन रहा था। प्रकाश पर्व दीपावली को लेकर लोग कई दिन से तैयारी कर रहे थे। शनिवार की सुबह से ही हर आयु वर्ग के लोगों में खूब उत्साह रहा। सुबह घरों की साफ-सफाई के बाद लोगों ने बाजार का रुख किया। किसी ने पूजन का सामान खरीदा तो किसी ने लक्ष्मी-गणेश जी की मूर्ति ख़रीदा। साथ में मिठाई एवं पटाखों की भी खरीदारी की गई।

बच्चों ने देर रात तक की जमकर आतिशबाजी : घरों में महिलाओं ने सुबह पकवान बनाए। शाम को घर के बड़े-बुजुर्गों ने स्नान कर घरों और दुकानों में शुभ मुहूर्त में पूजन किया। स्थानीय मंदिरों में शाम को विद्युत झालरों से सजावट की गई। वहीं शाम को महिलाओं ने अपने घर के आंगन में विभिन्न रंगोलियां बनाई और मां लक्ष्मी व श्री गणेश जी पूजा अर्चना कर दीप जलाए। बच्चों ने जमकर आतिशबाजी की. आधी रात तक जिला मुख्यालय में त्योहार का धूम-धड़ाका होता रहा। इसी बीच सुबह से ही लोग अपने-अपने मित्रों, रिश्तेदारों एवं परिचितों को त्योहार की बधाइयां देते रहे। लोगों ने मिठाई व उपहार देकर एक-दूसरे को त्योहार की शुभकामना दी। शाम होते होते जिला मुख्यालय प्रकाश में नहा उठा। लोगों ने अपने घरों व प्रतिष्ठानों को फूलों, दीपों एवं बिजली की झालरों से सजाया।


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