मधेपुरा : औषधीय पौधों का अत्याधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण एवं कार्यशाला में जिले से दो किसान ने दी भागीदारी

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अमित कुमार अंशु
उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : आयुष मंत्रालय भारत सरकार एवं नेशनल मेडिसिनल प्लांट बोर्ड नई दिल्ली पूर्वी जोन का जादवपुर विश्वविद्यालय कोलकाता में सीएसआईआर द्वारा 24 से 28 फरवरी तक आयोजित सेमिनार सह औषधीय पौधों का अत्याधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण एवं कार्यशाला में मधेपुरा जिले से दो किसान ने भागीदारी दी।

 सेमिनार में बिहार, झारखंड, उड़ीसा, बंगाल राज्य से 23 किसानों को राज्य स्तर पर चयन कर बुलाया गया था। मधेपुरा जिले से औषधीय किसान शंभू शरण भारतीय एवं शंकर कुमार भी उसमें शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्घाटन जादवपुर विश्वविद्यालय कोलकाता के कुलपति ने किया। मधेपुरा जिले के औषधीय खेती करने वाले किसान शंभू शरण भारतीय सेमिनार में अपना व्याख्यान दिया। जिसका वहां उपस्थित अन्य किसानोंं ने भी समर्थन एवंं स्वागत किया। औषधीय किसान शंभू शरण भारतीय ने औषधीय खेती करने वाले किसानों की माली हालत के लिए बाजार एवं व्यवस्था को दोषी ठहराया है। शंभू शरण भारतीय कि राय से अन्य किसान भी सहमत हुए। चार दिनोंं के प्रशिक्षण में किसानों को अत्याधुनिक तरीके से खेती करने, औषधीय पौधों की नर्सरी, जैविक पौधशाला से संबंधित जानकारी दी गई। 26 फरवरी को सेमिनार के अंतिम सत्र में कार्यशाला में भारत सरकार के सलाहकार डा एन पद्मा कुमार ने शंभू शरण भारतीय को बेबाकी से बात रखने के लिए सम्मानित किया। उन्हें उत्कृष्ट व्याख्यान के लिए सम्मान दिया गया। इसके बाद शंभू शरण भारतीय द्वारा मंच पर उपस्थित भारत सरकार के सलाहकार एवं वरीय वैज्ञानिकों को शतावर का चॉकलेट खिलाया गया।

उपस्थित अतिथियों ने चॉकलेट की काफी प्रशंसा की एवं पुनः चॉकलेट खाने की बात की। सेमिनार के अंतिम दिन 28 फरवरी को अंतिम सत्र में किसानों को प्रमाण पत्र वितरित कर सभी किसानों से राय ली गई। कार्यक्रम में जादवपुर विश्वविद्यालय कोलकाता के प्रति कुलपति, कुलसचिव एवं देश के नामचीन वैज्ञानिकों की उपस्थिति के अलावे साउथ अफ्रीका के वैज्ञानिक एवं औषधीय किसान रिचर्ड हाववेस एवं क्रुक स्टोक की उपस्थिति महत्वपूर्ण रही।

 कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन नेशनल मेडिसिनल प्लांट बोर्ड के जोनल डायरेक्टर डा संजय वाला ने किया. औषधीय किसान शंभू शरण भारतीय ने बताया कि कोसी क्षेत्र में औषधीय खेती की अपार संभावनाएं हैं। जरूरत है किसानों को सरकार द्वारा प्रोत्साहित करने की।


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