नालंदा : जेएनयू पर हमले के खिलाफ आईसा ने गृहमंत्री अमितशाह का पुतला फूंका

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मुर्शीद आलम
नालंदा ब्यूरो
बिहार

नालंदा/बिहार : जिला के छात्र संगठन आइसा व इंकलाबी नौजवान सभा ने जेएनयू पर हमले के खिलाफ गृहमंत्री अमित शाह का पुतला दहन किया गया।

इस मौके पर आइसा के जिला संयोजक जयन्त आनन्द ने जेएनयू हमले की निंदा करते हुए कहा कि अभी तक सामने आए तथ्यों, तस्वीरों और हालातों के आधार पर यह बात साबित हो गयी है कि जेएनयू पर यह हमला न केवल पूर्व नियोजित था बल्कि पूरी सोची समझी रणनीति के साथ किया गया है। हमला करने वाले ज्यादातर बाहर के थे और उन्होंने नकाब पहन रखा था, और इन सभी गुंडों के हाथ में लाठी, लोहे के रॉड और खतरनाक हथियार थे। उसके साथ ही यह बात भी उतनी ही सही है कि सब कुछ पुलिस के संरक्षण में हुआ है क्योंकि तकरीबन 100 की संख्या में गुंडे जेएनयू कैंपस में घुस जाते हैं और दिल्ली पुलिस के जवान तथा विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मी मूक दर्शक बने रहते हैं।

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वह कैंपस जहां किसी बाहरी शख्स को भीतर घुसने के लिए कितनी चेकिंग से गुजरना पड़ता है वहां इतनी संख्या में लोगों का क्या बगैर सुरक्षाकर्मियों की मदद से घुसना संभव है? ऊपर से घटना से पूर्व पूरे इलाके की स्ट्रीट लाइट को बंद कर दिया गया था। ऐसा इसलिए किया गया था जिससे हमलावरों के चेहरे सीसीटीवी में कैद न हो सकें। इसके साथ ही हमले को अंजाम देने के बाद गुंडों के इस गिरोह को अपने संरक्षण में दिल्ली पुलिस जिस तरह से बाहर करते देखी गयी उसके बाद कहने और सुनने के लिए कुछ नहीं बचता वहीं इनौस के जिला अध्यक्ष बीरेश कुमार ने कहा कि देश के इतिहास में यह कला दिन है जब कैम्प्स में छात्रों को पीटा गया। यह बर्बरतापूर्ण करवाई  तब किया जा रही है जब जेएनयू के छात्र पिछले कई महीनों से देश मे सबको शिक्षा, सस्ती शिक्षा, शिक्षा के बाज़ारीकरण, फीस बृद्धि वापस लेने के मांग पर आंदोलन कर रहे थे। जेएनयू के तमाम छात्र संविधान विरोधी CAA, NRC, NRP  के खिलाफ लगातार संघर्ष में थे । यह आंदोलन मोदी – शाह की सरकार को पसंद नही आया और अमित शाह ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि अब समय आ गया है  संरक्षित जेएनयू के पर हमला।

आइसा छात्र नेता रौशन कुमार ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि  लोकतांत्रिक व शांतिपूर्ण  आंदोलनों को  हिंसा के बल पर रोकना बन्द करो और इस हमले के दोषियों पर कारवाई नही करती है और देश भर कैम्पसों से फीस बृद्धि वापस नही लेती हैं तो आने वाले दिनों में देश भर के छात्र मोदी सरकार को चलने नही देंगे।इस दौरान अंकुश कुमार , रामदेव चौधरी , सुनील कुमार , सरफराज खान , रामप्रीत केवट के अलावा दर्जनों छात्र मौजूद थे।


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