BNMU : कुलपति को अभाविप कार्यकर्ताओं ने सौंपा मांग पत्र

728x90
Spread the news

अमित कुमार अंशु
उप संपादक

मधेपुरा/बिहार : गुरुवार को बीएनएमयू के सिंडीकेट बैठक के दौरान बैठक में भाग लेने पहुंचे कुलपति प्रो डा अवध किशोर राय को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधियों ने 14 सूत्री मांगपत्र सौंपा।

मौके पर उपस्थित अभाविप कार्यकर्ताओं ने बताया कि पिछले कई मांग पत्र के द्वारा जिसमें बार-बार चर्चित शिक्षा संकाय नियुक्ति घोटाले को लेकर ज्ञापन दिया जा रहा है। लेकिन उस पर अभी तक ना ही कोई जांच समिति बनी है और ना ही कोई कार्रवाई की गई है।  बस आरोपी जिसने गलत तरीके से नियुक्ति हासिल की, उसे हटा कर छोड़ दिया गया है एवं अभी तक कई महाविद्यालय, जहां शिक्षा संकाय की पढ़ाई हो रही है, वहां शिक्षक एवं तृतीय – चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी की नियुक्ति भी संदेह के घेरे में है, जहां ना तो विज्ञापन प्रकाशित किया गया और ना ही डिग्री की जांच की गई जिससे पूरी की पूरी नियुक्ति प्रक्रिया में जमकर धांधली की गई है जिसके कारण विश्वविद्यालय पर भी अनियमितता बरतने एवं भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने में संलिप्तता साबित होती है। अभिलंब एक जांच कमेटी बनाकर सभी बीएड संकाय में हुई नियुक्ति की जांच की जाए।

विज्ञापन

कार्यकर्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय स्थापना काल से ही चल रहे स्नातक स्तर की पढ़ाई जैसी प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति श्रम एवं समाज कल्याण गांधी दर्शन की पढ़ाई स्नातकोत्तर स्तर पर अभी तक शुरू नहीं की गई है। जिस कारण हजारों छात्र-छात्राएं इन विषयों में स्नातकोत्तर की डिग्री लेने से वंचित रह जाते हैं। इसलिए इन विषयों की पढ़ाई शुरू की जाए। साथ ही साथ विभाग खोले जाएं तथा अभी तक संस्कृत, संगीत, गणित का विभाग विश्वविद्यालय केंद्र पर नहीं खुला है, जिस कारण छात्र छात्राओं को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अभिलंब इन सभी विभाग विश्वविद्यालय में खोले जाएं।

विज्ञापन

कहा कि विश्वविद्यालय के नोडल पदाधिकारी द्वारा बार-बार मेघा सूची बनाने में गड़बड़ी का मामला प्रकाश में आते रहता है। पूर्व में भी उनके द्वारा मेघा सूची को प्रभावित करते हुए बीएड में गलत लोगों का नामांकन के लिए मेघा सूची जारी की गई थी। इस बार भी पुनः स्नातकोत्तर के नामांकन में मेघा सूची में गड़बड़ी की गई, इससे स्पष्ट होता है कि स्नातक प्रथम खंड समेत विभिन्न संकाय में नामांकन के मेघा सूची को प्रभावित किया गया होगा, जिससे यह साबित होता है कि नामांकन में भ्रष्टाचार, अराजकता, शिक्षा माफियाओं को सह देने में उनका प्रमुख योगदान है, इसलिए इन्हें अभिलंब हटाया जाए तथा इनके कार्यकाल में हुई सभी संकाय के नामांकन की जांच के लिए कमेटी का गठन किया जाय। इन सभी मांगों से अभाविप कार्यकर्ताओं ने अन्य मांग भी कुलपति के समक्ष रखी. जिस पर कुलपति ने आवश्यक करवाई की बात कही।

मौके पर अभाविप विश्वविद्यालय संयोजक सुमन कुमार, प्रदेश सह मंत्री सुजीत सान्याल, शशि यादव, अभिषेक यादव, शिवजी कुमार, सागर कुमार नन्हे, आमोद आनंद, दिलीप कुमार दिल, राजू सनातन, सीनेट सदस्य रंजन यादव, विश्वजीत पीयूष, सुमन कुमार, जयंत जोशी सहित अन्य लोग मौजूद थे।


Spread the news